श्रद्धा मामले में पूनावाला की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस से नहीं हुआ कोई संवाद: महाराष्ट्र पुलिस

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मुंबई: दिल्ली पुलिस ने आफताब पूनावाला को अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई में अपने समकक्षों से संपर्क नहीं किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली स्थानांतरित होने से पहले वालकर वसई के पास रहती थी। मीरा-भाईंदर वसई विरार (एमबीवीवी) पुलिस के अधिकारी ने कहा कि पूनावाला (28) को पिछले शनिवार को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके और उनके दिल्ली समकक्षों के बीच कोई संवाद नहीं हुआ। पूनावाला को दिल्ली पुलिस ने इस साल मई में वालकर (27) की हत्या करने, उसके शव के 35 टुकड़े करने और उन्हें कई दिनों तक अलग-अलग जगहों पर फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘वसई से मानिकपुर थाने की एक टीम आठ से 12 नवंबर के बीच दिल्ली में मौजूद थी और उसने महरौली पुलिस के साथ समन्वय किया। हमने उन्हें गुमशुदगी की शिकायत सहित सभी विवरण प्रदान किए। हालांकि, मामले का खुलासा होने और आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद कोई संपर्क नहीं हुआ है।’’

पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘‘चूंकि यह घटना दिल्ली में हुई थी और आरोपी को वहीं गिरफ्तार किया गया, ऐसे में हम उनकी जांच में हस्तक्षेप नहीं कर सकते।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर उन्हें किसी भी सहायता की आवशय़कता होती तो हम इसे प्रदान करने के लिए तैयार हैं। लेकिन, दिल्ली पुलिस की तरफ से (पूनावाला की गिरफ्तारी के बाद) कोई संवाद नहीं हुआ है।’’ वालकर के लापता होने की शिकायत दर्ज करने के बाद मानिकपुर पुलिस ने पूनावाला को पूछताछ के लिए दो बार-अक्टूबर में और तीन नवंबर को बुलाया और दोनों मौकों पर उसने पुलिस को बताया कि वालकर अपना घर छोड़कर चली गई थी और वे साथ नहीं रह रहे थे। अधिकारी ने कहा कि टीम पिछले महीने दिल्ली के महरौली थाने गई थी और पूनावाला से पूछताछ की थी।

इस बीच, एमबीवीवी पुलिस पूनावाला के परिवार के सदस्यों के वर्तमान स्थान के बारे में पता लगा रही है, जिन्होंने एक पखवाड़े पहले वसई में एक आवासीय सोसाइटी में अपना फ्लैट खाली कर दिया था और माना जाता है कि वे मीरा रोड इलाके में स्थानांतरित हो गए हैं। हाउसिंग सोसाइटी के एक सदस्य ने कहा कि आफताब एक पखवाड़े पहले आवासीय सोसाइटी में अपने परिवार के सदस्यों के स्थानांतरण में मदद करने के लिए आया था। उन्होंने कहा था, ‘‘जब हमने उनसे स्थानांतरित होने का कारण पूछा, तो आफताब के पिता ने हमें बताया कि उनके बेटे को मुंबई में नौकरी मिल गई है और उसकी कंपनी किराया देगी।’’