हथियारी लाइसेंसों पर सख्त सरकार, DGP Gaurav Yadav ने पंजाब में गन हाउसों की जांच के दिए आदेश

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चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा गन कल्चर की जांच के लिए सभी मौजूदा शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा करने के निर्देश के बाद, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने शुक्रवार को सभी दुकानों, परिसरों और स्टॉक का अनिवार्य निरीक्षण करने का आदेश दिया। डीजीपी ने सभी रेंज के आईजी/डीआईजी और राज्य के सभी सीपी/एसएसपी को निर्देश देते हुए कहा कि डीएसपी/एसीपी अपने सब डिवीजन में पड़ने वाले सभी गन हाउस की दुकानों, परिसर और स्टॉक की हर तिमाही में अनिवार्य रूप से जांच करें।

उल्लेखनीय है कि पंजाब में लगभग 4 लाख हथियारी लाइसेंस हैं। यूपी, बिहार और एमपी जैसे राज्यों से अंतरराष्ट्रीय सीमा और अंतर-राज्यीय सीमाओं से अवैध हथियारों का भारी तांता लगा हुआ है। यद्यपि हथियार अवैध रूप से असामाजिक तत्वों द्वारा खरीदे जाते हैं, गोला बारूद ज्यादातर पंजाब के स्थानीय गन हाउसों से चुराया जाता है।

इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रदेश में चल रहे सभी हथियारी लाइसेंसों की समीक्षा के निर्देश देने के अलावा यह भी आदेश दिया था कि यदि पूर्व में किसी असामाजिक तत्व को कोई लाइसेंस जारी किया गया है तो उसे तत्काल रद्द किया जाए। इसी तरह, यह भी आदेश दिया गया था कि आने वाले तीन महीनों में आम तौर पर कोई नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाना चाहिए, यह कहते हुए कि लाइसेंस केवल वहीं जारी किया जाना चाहिए जहां यह अत्यंत और वास्तविक रूप से आवश्यक हो। पंजाब सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सहित हथियारों और गोला-बारूद के सार्वजनिक प्रदर्शन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

इस बीच, सीपी/एसएसपी को प्रोविजनिंग विंग की आयुध शाखा को जिलेवार त्रैमासिक रिपोर्ट भेजने के लिए भी कहा गया है, जबकि सभी रेंज के आईजीपीएस/डीआईजी को अनुपालन की निगरानी करने के लिए कहा गया है।