विश्व के मामलों का समाधान बातचीत पर निर्भर है

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2022 एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) का सम्मेलन 18 से 19 नवंबर तक थाईलैंड में होगा। पर चूंकि इस सम्मेलन में कुछ मामलों का प्रबंधन कुछ देशों के नेताओं की इच्छाओं को पूरा नहीं कर सकता है, इसलिए उन्होंने मौके पर उपस्थित न होने का ऐलान किया है। APEC की स्थापना का उद्देश्य दुनिया में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच परामर्श और सहयोग को बढ़ावा देना और विश्व आर्थिक विकास के लिए जिम्मेदार नीति विकल्प बनाना है। खासकर जब दुनिया विभिन्न अभूतपूर्व परिवर्तनों का सामना कर रही है, दुनिया में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को खुले और ईमानदार रवैये और एकजुट और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ समस्याओं को हल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। तो गुप्त रूप से छोटे घेरे बनाना और विरोधियों को दबाने के लिए गिरोह बनाना अस्वीकार्य है।

नई सदी में प्रवेश करने के बाद से वर्तमान स्थिति यकीनन सबसे चुनौतीपूर्ण क्षण है। दुनिया अशांति और परिवर्तन की एक नई अवधि में प्रवेश हो गयी है। महामारी के कारण से हुई आर्थिक मंदी के अलावा, दुनिया कई अन्य संकटों का सामना कर रही है। हालांकि, खतरे के सामने भी इंसान को उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। शांति और विकास अभी भी युग के विषय हैं। दुनिया भर में लोग आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की मांग करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में स्थिति के विकास को देखते हुए, मानव जाति के एक साझा भविष्य समुदाय के निर्माण के लिए चीनी नेता की पहल का मूल्य साबित हो गया है।  वर्तमान एपेक सम्मेलन का विषय फिर भी विकास और सहयोग है। शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेदों को हल करना और बातचीत और परामर्श के माध्यम से विवादों को हल करना अपरिहार्य है। सभी देशों को विकास के मुद्दों को अंतर्राष्ट्रीय एजेंडा के केंद्र में रखना चाहिए, अंतर्राष्ट्रीय सहमति का निर्माण करना चाहिए और मानव समाज को जल्द से जल्द संकट से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए। APEC का उद्देश्य खुलेपन और समावेश की वकालत करना और सहयोग को बढ़ावा देना है। दूसरे देशों के खिलाफ गुट की राजनीति अस्वीकार्य है। आज की दुनिया में, विश्व व्यापार संगठन के साथ कई बहुपक्षीय व्यापार प्रणालियां स्थापित की गई हैं, जो एक खुली विश्व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभाती हैं। उन छोटे मंडलों का निर्माण करना अलोकप्रिय है जो उभय-जीत की भावना का उल्लंघन करते हैं।

ऐतिहासिक अनुभव है कि मानव समाज के लिए एकजुटता और सहयोग ही एकमात्र सही मार्ग है। बातचीत करने से ही हम निष्पक्षता, न्याय और सहयोग वाले अंतर्राष्ट्रीय संबंध बना सकते हैं। अन्यथा, मानव जाति एक खतरनाक खाई में धकेल दी जाएगी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और एपेक में एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में चीन हमेशा एकता और सहयोग के पक्ष में मजबूती से खड़ा रहा है। चीन हमेशा विश्व शांति का निर्माता, वैश्विक विकास में योगदानकर्ता और हॉटस्पॉट मुद्दों का मध्यस्थक रहा है। चीनी नेता द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सुरक्षा पहल ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों के व्यावहारिक समाधान सामने रखे हैं। इतिहास साबित करेगा कि चीनी पथ और चीनी बुद्धिमत्ता विश्व सभ्यता के लिए महत्वपूर्ण योगदान है।(साभार—-चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग )