भूमि घोटाले में गिरफ्तार यूपीसीडा के प्रबंधक कैलाश भाटी की तबीयत खराब, जेल अस्पताल में भर्ती

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नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में नोएडा के थाना ईकोटेक- 3 क्षेत्र के तुस्याना गांव में हुए करोड़ों के भूमि घोटाला मामले में गिरफ्तार उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के प्रबंधक कैलाश भाटी की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें जेल के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।कैलाश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नरेंद्र भाटी के भाई हैं।

लुक्सर जेल के अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि कैलाश भाटी की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जेल के चिकित्सक उनका परीक्षण कर रहे हैं।मालूम हो कि तुस्याना गांव में हुए करोड़ों के भूमि घोटाले में दो दिन पूर्व इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने एमएलसी नरेंद्र भाटी के भाई कैलाश भाटी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारी कमल सिंह तथा दीपक को गिरफ्तार किया था। कैलाश भाटी की जमानत याचिका उनके वकील द्वारा जनपद गौतमबुद्ध नगर न्यायालय में दाखिल की गई है। बृहस्पतिवार को याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें पुलिस ने केस डायरी और घोटाले संबंधित कागजात दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय मांगा।

अदालत ने शुक्रवार को संबंधित साक्ष्य दाखिल करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को उनकी याचिका पर सुनवाई होगी। कैलाश भाटी के अधिवक्ता का कहना है कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए कैलाश और कमल नामजद नहीं थे। इस मामले में राजेंद्र मधु और श्वेता तथा ग्रेटर नोएडा के पूर्व जीएम रविंदर तोगड़ सहित कई लोग नामजद थे। इसमें मधु ,श्वेता, और रविंद्र को उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है। पुलिस ने बताया कि राजेंद्र को 45 दिन के लिए जमानत मिली थी और उनकी जमानत अवधि समाप्त हो गई है। पुलिस की तीन टीम राजेंद्र की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।गौरतलब है कि ईकोटेक-3 थाने में 20 फरवरी 2021 को न्यायालय के आदेश पर जितेंद्र भाटी ने मामला दर्ज करवाया था कि राजेंद्र सिंह, श्वेता, मधु सिंह , ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन जनरल मैनेजर रविंदर सिंह और दिल्ली निवासी गीता सिंह ने तुस्याना गांव की जमीन के दस्तावेजों में गड़बड़ी कराकर करोड़ों रुपये का मुआवजा लिया है।