शी चिनफिंग ने जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से मुलाकात की

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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 17 नवंबर की दोपहर को बैंकाक में जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से मुलाकात की। शी चिनफिंग ने कहा कि इस साल चीन और जापान ने संयुक्त रूप से राजनयिक संबंधों के सामान्यीकरण की 50वीं वर्षगांठ मनाई। पिछले 50 वर्षों में, दोनों पक्षों ने क्रमशः चार राजनीतिक दस्तावेजों और सिलसिलेवार महत्वपूर्ण सहमतियां हासिल कीं। विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग ने उपयोगी परिणाम दिए हैं, जिससे दोनों देशों के लोगों को महत्वपूर्ण लाभ मिला है और क्षेत्रीय शांति, विकास और समृद्धि को बढ़ाया गया। चीन और जापान एक-दूसरे के करीबी पड़ोसी हैं, और दोनों एशिया व दुनिया के महत्वपूर्ण देश भी हैं। दोनों देशों के बीच कई साझा हित और सहयोग की बड़ी गुंजाइश है। चीन-जापान संबंधों का महत्व नहीं बदला है और नहीं बदलेगा। चीन जापान के साथ रणनीतिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों की सामान्य दिशा को संभालते हुए नए युग की आवश्यकताओं के अनुरूप चीन-जापान संबंधों का निर्माण करने को तैयार है।

शी चिनफिंग ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे के साथ ईमानदारी और आपसी विश्वास के साथ व्यवहार करना चाहिए, चीन और जापान के बीच चार राजनीतिक दस्तावेजों के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए, ऐतिहासिक अनुभव से सीखते हुए एक-दूसरे के विकास को निष्पक्ष और तर्कसंगत रूप से देखना चाहिए, और “एक दूसरे के सहयोगी भागीदार होने और एक दूसरे के लिए खतरा पैदा नहीं करने” की राजनीतिक सहमति को नीति में प्रदर्शित करना चाहिए। इतिहास और थाइवान जैसे अहम सैद्धांतिक मुद्दे दोनों देशों के संबंधों की राजनीतिक नींव और बुनियादी विश्वास से जुड़े हुए हैं और प्रतिबद्धता के अनुसार इसे ठीक से संभालना चाहिए। चीन दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता और साथ ही किसी बहाने से चीन के आंतरिक मामलों में किसी के दखल का स्वीकार नहीं करता।

फुमियो किशिदा ने कहा कि पिछले साल के अक्तूबर में हमारे बीच एक सफल फोन वार्ता हुई थी और नए युग की आवश्यकताओं के अनुरूप जापान-चीन संबंधों के निर्माण पर एक समझौता संपन्न हुआ। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है। जापान और चीन एक-दूसरे के करीबी पड़ोसी है और एक दूसरे के लिए खतरा नहीं हैं। दोनों देशों की शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व की आवश्यकता है और होनी चाहिए। जापान की समृद्धि व विकास चीन से अविभाज्य है। जापान अपने स्वयं के विकास के माध्यम से दुनिया में सकारात्मक योगदान देने में चीन का स्वागत करता है। जापान-चीन सहयोग में बड़ी निहित शक्ति है। दोनों देशों के कंधे पर क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। जापान चीन के साथ जापान-चीन संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास को साकार करने को तैयार है। थाइवान मुद्दे पर जापान-चीन संयुक्त वक्तव्य में जापानी पक्ष द्वारा की गई प्रतिबद्धताएं बिल्कुल नहीं बदली हैं। मैं चीनी पक्ष के साथ संवाद और संपर्क को मजबूत करने और संयुक्त रूप से जापान-चीन संबंधों की सही दिशा का नेतृत्व करने को तैयार हूं।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)