दुनिया को बदलने की चुनौती का जी -20 सम्मेलन

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दुनिया ऐसे समय में आगे बढ़ रही है, जब यूक्रेन-रूस मुठभेड़ ,कोविड महामारी ,खाद्य व ऊर्जा संकट समेत कई गंभीर चुनौतियांउभरी हैं। ऐसे माहौल में जी-20 का महत्व बढ़ जाता है। इसकी वजह है, इसका दुनिया की बीस प्रमुख आर्थिक ताकतों का संगठन होना। इसलिए उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह वैश्विक आर्थिक माहौल को बदलने और उसमें सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करे, ताकि दुनिया के करोड़ों गरीबों के घरों में रोशनी हो सके। इन संदर्भों में देखते हैं तो हाल ही में इंडोनेशिया के बाली में हुए जी 20 देशों के शीर्ष नेताओं के सम्मेलन की उपलब्धि बेहतर ही नजर आती है।

इंडोनेशिया के खूबसूरत पर्यटन केंद्र और द्वीप बाली के सम्मेलन में जुटे वैश्विक नेताओं के हाव-भाव से स्पष्ट लगा कि उन्होंने दुनिया को आश्वस्त करने और सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की। जिस तरह से वैश्विक नेता एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिले, उससे साफ लगा कि बाली की खूबसूरती में वैश्विक नेताओं ने पहले से ही अपने मतभेद किनारे रख दिए थे। वैश्विक नेताओं की आपसी गर्मजोशी ने जाहिर किया कि वे दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों से जूझने को लेकर आपसी संवाद के लिए आए हैं।

इस बीच भारत ने संकेत दिए हैं कि जी-20 के अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान वह विकासशील देशों की आवाज को सुर देगा। भारत ने यह भी संदेश देने की कोशिश की है कि वह वैश्विक शासन के लिए सकारात्मक समाधान सुझानेके लिए भी सक्रिय रहेगा। जी 20 के सम्मेलन ने यह भी संदेश दिया है कि डिजिटल और डाटा के मोर्चे पर दुनिया की मदद भी की जाएगी। ताकि आशंकित आर्थिक मंदी को टाला जा सके। जी 20 का सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि इसके ठीक पहले दो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारतीय उपमहाद्वीप में हुए हैं। पहला सम्मेलन रहा आतंकवाद की वैश्विक समस्या पर संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक और दूसरा रहा इंटरपोल महासभा का आयोजन। दोनों में दुनिया के सामने खड़ी महत्वपूर्ण चुनौती आतंकवाद पर खुलकर चर्चा हुई और आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने की सहमति बनी। इसी तरह का एक अन्य आयोजन-नो मनी फारटेरर यानी एनएमएफटी के नाम से होने जा रहा है। जाहिर है कि दुनिया एक-दूसरे के नजदीक आ रही है। वह मानवता के सामने उपस्थित चुनौतियों से जूझने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग कर रही है। जी 20 का बाली सम्मेलन भी उसी दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी रहा।

(साभार—चाइना  मीडियाग्रुप  ,पेइचिंग)