श्रद्धा हत्याकांड: सहकर्मी का खुलासा-2020 में श्रद्धा ने मांगी थी मदद, सोचा नहीं था आफताब इस हद तक जाएगा

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नई दिल्ली: र्चिचत श्रद्धा वालकर हत्याकांड की परतें खुलने के बीच श्रद्धा के एक पूर्व सहकर्मी का कहना है कि नवंबर 2020 में पहली बार उसने आफताब अमीन पूनावाला द्वारा उसके साथ मारपीट किए जाने के बारे में जानकारी दी थी और उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह इस हद तक चला जाएगा। श्रद्धा के सहकर्मी करण ने कहा कि नवंबर 2020 में उसने (श्रद्धा) पहली बार मुझे आफताब के उसके साथ मारपीट के बारे में बताया था। वह पुलिस के पास जाने वाली थी लेकिन आफताब के माता-पिता के हस्तक्षेप के बाद जोड़े के बीच मामला सुलझ गया था। मार्च 2021 तक श्रद्धा के साथ काम करने वाले करण ने उसे एक जीवंत और ऊर्जावान युवती के तौर पर याद किया।

श्रद्धा की व्हाट्सएप्प चैट हो रही वायरल

मारपीट के बारे में श्रद्धा के साथ व्हाट्सएप्प पर उनकी बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल है। करण ने कहा कि आम दिनों में श्रद्धा दफ्तर में काफी उत्साहित नजर आती थी, लेकिन कुछ दिनों में जब उसका आफताब से झगड़ा हुआ तो उसने खुद को अलग-थलग कर लिया, ताकि उसे झूठ न बोलना पड़े। मैं आफताब के इस हद तक जाने की कल्पना नहीं कर सकता। श्रद्धा के लिए न्याय की मांग करते हुए करण ने कहा कि वह पुलिस के साथ हर तरह से सहयोग करने के लिए तैयार हैं। दुर्व्यवहार के बारे में जानकर क्या उन्होंने श्रद्धा को इस रिश्ते से बाहर निकलने की सलाह दी थी, इस पर करण ने कहा कि जब श्रद्धा ने उनके साथ काम करना शुरू किया, तो उसने उन्हें इसके बारे में (घरेलू हिंसा) कभी कुछ नहीं बताया… नवंबर (2020) में बुरी तरह चोटिल होने के बाद उन्हें इसका पता चला।

पुलिस ने पूनावाला, वालकर के कपड़े अपने कब्जे में लिए

वहीं, इस हत्याकांड की जांच कर रहे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने दक्षिण दिल्ली में आफताब अमीन पूनावाला के आवास से सभी कपड़े अपने कब्जे में ले लिए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। यह जानकारी सूत्रों ने दी। उन्होंने कहा कि जांचकर्त्ताओं को वे कपड़े नहीं मिले हैं, जो श्रद्धा और पूनावाला ने 18 मई को पहने थे, जिस दिन वारदात को अंजाम दिया गया था।

गौरतलब है कि आफताब ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की गत 18 मई की शाम कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए। आरोपी ने शव के टुकड़ों को दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक एक फ्रिज में रखा तथा उन्हें कई दिनों तक विभिन्न हिस्सों में फैंकता रहा।