चीनी विशेषताओं वाली प्रमुख देश की कूटनीति की नई यात्रा

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14 से 19 नवंबर तक, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इंडोनेशिया के बाली द्वीप में आयोजित 17वें जी-20 शिखर सम्मेलन, और थाईलैंड में आयोजित एपेक सदस्यों की 29वीं
अनौपचारिक सम्मेलन में भाग लिया और थाईलैंड की यात्रा की। छह दिन पाँच रातों में शी चिनफिंग ने 30 से अधिक गतिविधियों में भाग लिया, जो बहुपक्षीय कूटनीति, द्विपक्षीय संबंध, बड़े देशों के बीच आपसी संवाद, दक्षिण-दक्षिण सहयोग आदि से संबंधित हैं। वैश्विक और क्षेत्रीय प्रमुख देशों के एकत्र होने वाले बहुपक्षीय मंच, और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के प्रमुख मंच होने के नाते जी-20 के सामने मौजूद विश्व आर्थिक चुनौतियां पहले से कहीं अधिक हैं। मौजूदा शिखर सम्मेलन में शी चिनफिंग ने एक बार फिर चीन की आवाज सुनाई, चीन के प्रस्ताव पेश किए और सभी देशों से मानव जाति के साझा भाग्य वाले समुदाय की स्थापना की अपील की। उन्होंने शांति, विकास, सहयोग और उभय जीत की वकालत करते हुए ज्यादा समावेश, ज्यादा आम उदारता, और ज्यादा लचीलापन वैश्विक विकास को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
एपेक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग मंच है। एपेक सम्मेलन में शी चिनफिंग ने कहा एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग के सफल अनुभवों का सारांश करते हुए कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र किसी का पिछला बरामदा नहीं है, और इसे प्रमुख शक्तियों के लिए अखाड़ा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने शांति व विकास के पथ, खुलेपन और समावेश के पथ, सामंजस्य व एकता के पथ पर आगे बढ़ाने, आपसी विश्वास, समावेश, सहयोग और उभय जीत वाले एशिया-प्रशांत साझेदारी स्थापित करने, और शांति व स्थिरता, समान समृद्धि, स्वच्छ व सुन्दर, आपसी समर्थन वाले एशिया-प्रशांत साझा भाग्य वाले समुदाय की स्थापना करने की अपील की।

शी चिनफिंग ने घोषणा की कि चीन अगले साल तीसरा बेल्ट एंड रोड अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शिखर सम्मेलन आयोजित करने पर विचार कर रहा है। जी-20 शिखर सम्मेलन और एपेक सदस्यों की बैठक के दौरान शी चिनफिंग ने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की। नेताओं के बीच कई आम सहमतियां प्राप्त हुईं जिससे चीन और एशियाई पड़ोसी देशों के बीच आपसी विश्वास और मैत्री को सुदृढ़ किया गया, यूरोपीय देशों के साथ सामरिक स्वायत्तता को बनाए रखने को आगे बढ़ाया गया, और साथ ही नए युग में चीन और अमेरिका के बीच सह-अस्तित्व की खोज की गई। कुल मिलाकर कहा जाए, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मौजूदा दक्षिण पूर्व एशिया यात्रा
को घरेलू और विदेशी लोकमतों का उच्च मूल्यांकन हासिल हुआ। लोकमत है कि परिवर्तित अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति में चीन ने वैश्विक विकास को बढ़ावा देने, वैश्विक शासन का
मार्गदर्शन करने वाली आवाज़ सुनाई, जिससे एक प्रमुख देश के रूप में चीन की तर्कसंगत, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार भूमिका का प्रदर्शन किया गया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)