अकाली दल की सरकार के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा में अधिकतम निवेश हुआ प्राप्त: शिरोमणी अकाली दल

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चंडीगढ़: शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि पूर्ववर्ती अकाली दल की अगुवाई वाली सरकार के दौरान राज्य में 1000 मेगावाट नवीकरण ऊर्जा प्रोजेक्ट की स्थापना का गौरव हासिल करने के बाद पंजाब सौर उर्जा का उत्पादन करने में पिछड़ गया है। पूर्व मंत्री सरदार महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान इसपर कोई काम नही किया गया है और अक्षय ऊर्जा मंत्री अमन अरो़ड़ा द्वारा यह धारणा दी जा रही है कि पंजाब में पहली बर कनाल टॉप सौर उर्जा प्रोजेक्ट को लाया जा रहा है। उन्होने कहा कि ‘‘तथ्य यह है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल ने इस पहल का नेतृत्व किया था। यह सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ही थे, जिन्होने लुधियाना के पास 5 मेगावाट नहर टॉप सौर उर्जा परियोजना के लिए 2012 में 200 करोड़ रूपये का निवेश लाकर पंजाब में सौर उर्जा को लागू किया था’’।

उन्होने कहा कि सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में अक्षय उर्जा मंत्रालय लगभग 3500 करोड़ रूपये का निवेश आकर्षित करने में सक्षम था। उन्होने कहा कि मुख्य आकर्षण में 70 करोड़ रूपये की लागत से देश की सबसे सिंगल रूफटॉप 2 मेगावाट प्रोजेक्ट का उदघाटन करना शामिल था। उन्होने कहा कि पूर्ववर्ती अकाली दल सरकार के दौरान पंजाब सौर ऊर्जा में निवेश के सबसे पसंदीदा राज्य बन गया था, जबकि पड़ोसी राज्य में व्यावहारिक रूप से कोई निवेश नही हुआ था। उन्होने कहा कि ‘‘ हमने अब तक केवल घोषणाएं होती देखी हैं और जमीनी स्तर पर कुछ भी नही हुआ है। सरकार को अपनी घोषणाओं के परिणामों को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए जो अब तक केवल कागजी होकर रह गई हैं’’।