चीन व अमेरिका के रक्षा मंत्रियों के बीच वार्ता

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कंबोडिया में 9वें आसियान रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में भाग ले रहे चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगह ने 22 नवंबर को अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के साथ वार्ता की। वेई फेंगह ने सबसे पहले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस की संबंधित स्थिति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जी-20 के 17वें शिखर सम्मेलन में बातचीत की और कई महत्वपूर्ण आम सहमतियां संपन्न कर चीन-अमेरिका संबंधों के विकास के लिए रास्ता दिखाया। चीन-अमेरिका संबंधों की वर्तमान स्थिति की जिम्मेदारी अमेरिका की है, न कि चीन की। चीन दोनों देशों और दोनों सेनाओं के बीच संबंधों के विकास को बहुत महत्व देता है, लेकिन अमेरिका को चीन के मूल हितों का सम्मान करना चाहिए। उम्मीद है कि अमेरिका अपनी बात पर कायम रहेगा और अपने वादों पर खरा उतरेगा। इतना ही नहीं, दोनों देशों के प्रमुखों के बीच हुई आम सहमतियों को सही मायने में लागू करेगा, चीन के प्रति तर्कसंगत और व्यावहारिक नीति अपनाएगा और चीन-अमेरिका संबंधों को स्वस्थ और स्थिर विकास के रास्ते पर वापस लाएगा।

वेई फेंगह ने जोर देते हुए कहा कि थाइवान का मुद्दा चीन के मूल हितों का केंद्र है और चीन-अमेरिका संबंधों में पहली लाल रेखा है। थाइवान चीन का थाइवान है, और थाइवान मुद्दे का समाधान चीनी लोगों का अपना मामला है, और किसी बाहरी ताकत को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। चीनी सेना के पास मातृभूमि की एकता की दृढ़ता से रक्षा करने का आत्मविश्वास और क्षमता है। वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों का मानना ​​था कि दोनों सेनाओं को दोनों देशों के प्रमुखों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण आम सहमतियों को ईमानदारी से लागू करना चाहिए, संपर्क बनाए रखना चाहिए, संकट प्रबंधन और नियंत्रण को मजबूत करना चाहिए, और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति, यूक्रेन संकट, दक्षिण चीन सागर और कोरियाई प्रायद्वीप मुद्दे पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)