EC अरुण गोयल की नियुक्ति पर SC के सवाल, केंद्र सरकार से पूछा-24 घंटों में कैसे की गई नियुक्ति?

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नई दिल्ली: अरुण गोयल की चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी पर अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने कहा कि अरुण गोयल की महज 24 घंटे में नियुक्ति कैसे हो सकती है, उन्हें चुनने की, मंजूरी देने की यह सारी प्रक्रिया कैसे पूरी की गई। कोर्ट ने केंद्र पर सवाल दागते हुए पूछा कि कानून मंत्री ने 4 नाम भेजे हालांकि सवाल यह भी उठता है कि यही चार नाम क्यों भेजे गए थे। फिर इनमें से जूनियर अधिकारी को कैसे चुन लिया गया।

केंद्र की तरफ से दिया गया जवाब

वहीं, केंद्र की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल वेंकटरमणी ने सरकार का पक्ष लेते हुए कहा कि सबकुछ 1991 के कानून के तहत हुआ है और अभी फिलहाल ऐसा कोई ट्रिगर पॉइंट नहीं है जहां अदालत को दखल देने की जरूरत पड़े। उन्होंने आगे कहा कि अदालत को इतनी दूर जाने की जरूरत नहीं है।

कौन हैं अरुण गोयल?

बता दें कि गोयल 1985 बैच के पंजाब काडर के आईएएस हैं। वह साल 1993 में बठिंडा के कलेक्टर रहे जिसके बाद साल 1995 से 2000 तक उन्होंने लुधियाना के कलेक्टर रहे। इसके पश्चात 2010 तक गोयल ने पंजाब सरकार के अलग-अलग पद संभाले। वर्ष 2011 में उनकी नियुक्ति केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में हुई। साल 2018 में संस्कृति मंत्रालय और 2020 में भारी उद्योग मंत्रालय में सचिव बने।

वहीं, उनकी नियुक्ति पर इसलिए सवाल उठ रहे हैं क्योंकि इस साल 31 दिसंबर को उनकी रिटायरमेंट थी लेकिन महीने पहले ही उन्हें वीआरएस दिया और चुनाव आयुक्त बना दिया गया। 21 नवंबर को उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया।