फिर सुर्खियों में आया Bharmour का कूड़ा डंपिंग साईट, दशकों बीत जाने के बाद भी नहीं सुधरी दशा

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भरमौरः जन -जातीय क्षेत्र भरमौर के एकमात्र कूडा डंपिंग साईट पट्टी की दशा दशकों बीत जाने के बाद भी नहीं सुधरी हैं। भरमौर प्रशासन द्वारा काफी पैसा खर्च करने के बाद भी इस डंपिंग साईट से स्थानीय लोग परेशान है। यह कूडा डंपिंग साईट हमेशा सुर्खियों में रही हैं। डंपिंग साईट में आग लगाना एक आम सी बात बन गई है। ठोस कचरा जलने से इसका विषैला धुंआ उपमंडल के लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है, लेकिन आज तक आग लगाने वाले पकडे़ नहीं गए। सैंकड़ाें की संख्या में रोजाना लोग लघु सचिवालय प्रस्थान करते हैं। लघु सचिवालय भरमौर की दूरी इससे लगभग 200 मीटर की है, साथ में नए अस्पताल भवन 100 विस्तर का निर्माण भी इसके साथ ही हो रहा है।

न्यू बस स्टैंड भरमौर भी इसके 300 मीटर की दूरी पर है, साथ में पीओआईटीडीपी आवासीय कॉलोनी, गांव पट्टी, गांव बाडी, गांव गोसण इसके साथ सटे है और पंचायत प्रंघाला, पंचायत हडसर, पंचायत कुगती के लोगों को यहां से होकर गुजरना पड़ता है और मणिमहेश यात्रियों को भी यात्रा के दौरान यहां से होकर गुजरना पड़ता हैं। जल शक्ति विभाग भरमौर का विश्राम गृह तो इसके मात्र 30 मीटर की दूरी पर हैं।

भरमौर प्रशासन द्वारा इसको आग से बचाने के लिए इसके लिए चार दिवारी के कार्य के लिए धन की स्वीकृति कर दी गई है, लेकिन देखना यह है कि भरमौर प्रशासन द्वारा इतनी धन राशि खर्च करने के बाद क्या इस समस्या का हल हो पाता हैं या नए अस्पताल भवन के उद्घाटन के बाद मरीजों को भी इस समस्या से जूझना पडे़गा।