भारत-पाकिस्तान की सीमा दो प्रेमियों के बीच बानी बाधा, लड़की को नहीं मिल रहा शादी के लिए वीज़ा

गुरदासपुर: भारत-पाकिस्तान की सीमा को भूलकर दो प्रेमियों ने सगाई तो कर ली, लेकिन दोनों शादियों के बीच सीमा दीवार बन गई है। करीब छह साल से दोनों प्रेमी और इनके परिवार शादी के लिए वीज़ा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन वीजा नहीं मिल रहा। भारतीय पंजाब के बटाला निवासी एडवोकेट नमन लूथरा और पाकिस्तान लाहौर के समनाबाद की रहने वाली शाहलीन की यह कहानी अब मीडिया तक पहुँचने लगी हैं।

2015 में दोनों के बीच प्यार हुआ, जिसमें परिवार की रजामंदी हुई और 2016 में सगाई भी हो गई, लेकिन पिछले छह साल से दोनों शादी के बंधन में बंधने के लिए वीज़ा का इंतज़ार कर रहे हैं। बटाला के नमन लूथरा ने बताया कि उनके नाना पाकिस्तान के लाहौर में रहते हैं, जहां वो पहली बार 2015 में अपनी मां के साथ नाना के पास गया। यहां उन्हें शाहलीन से प्यार हो गया। उन्होंने अपने परिवार से बात की और परिवार ने शाहलीन के घरवालों से रिश्ते की बात की। बड़ी मुश्किल से 2016 में दोनों की सगाई हुई। अब शाहलीन ने शादी के लिए वीज़ा के लिए आवेदन किया तो वीज़ा नहीं मिल रहा। दोबारा अप्लाई किया तो कोविड कॉल आया, वीज़ा मिलना बंद हो गए। शाहलीन ने दोबारा वीजा के लिए आवेदन किया, लेकिन वीजा नहीं मिला। छह साल बीत गए, लेकिन वीजा न मिलने के कारण शादी भी नहीं हो पाई।

नमन ने बताया कि वह वीजा लेकर शादी करने के लिए पाकिस्तान जा सकता है, लेकिन जब तक शाहलीन को वीजा नहीं मिल जाता, तब तक शाहलीन भारत नहीं आ सकती। उन्होंने बताया कि जब से करतारपुर कॉरिडोर बना है, दोनों के परिवार कभी-कभी एक-दूसरे से मिल लेते हैं। नमन ने भारत सरकार से गुहार लगाई कि अब शाहलीन ने फिर से वीजा के लिए आवेदन किया है, इस बार उसे वीज़ा दिया जाए। वहीं, नमन लूथरा की मां योगिता लूथरा ने कहा कि वह खुद पाकिस्तान के लाहौर से शादी करके भारत आईं हैं, जबकि उनका परिवार लाहौर जाता रहता है, ऐसे में ही नमन को शाहलीन पसंद आ गई। बेटे की शादी को लेकर कई ख्वाहिशें थीं, लेकिन वीजा न मिलने की वजह से वो सारी ख्वाहिशें अब भी अधूरी हैं।