दो दिवसीय दौरे पर श्रीलंका पहुंचे विदेश मंत्री Jaishankar, कर्ज पुनर्गठन का दिया आश्वासन

नयी दिल्ली: भारत ने गंभीर आíथक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका को कर्ज के पुनर्गठन का आश्वासन दिया है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से ऋण प्राप्त कर सके। विदेश मंत्रलय ने बताया कि इस बारे में आईएमएफ को भारत के रुख से औपचारिक तौर पर अवगत करा दिया गया है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की श्रीलंका यात्रा और इससे जुड़े पहलुओं से जुड़े सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ‘‘विदेश मंत्री (जयशंकर) अभी श्रीलंका पहुंचे हैं, जहां वह शीर्ष नेतृत्व से भेंट करेंगे और कुछ परियोजनाओं को भी देखेंगे। जहां तक कर्ज से जुड़े पहलुओं का विषय है, हम द्विपक्षीय रूप से सहयोगात्मक रहे हैं और हम सहयोगात्मक रहना चाहते हैं।’

प्रवक्ता ने कहा कि इस संदर्भ में कर्ज के पुनर्गठन का भी मुद्दा जुड़ा है और श्रीलंका के ऋण हासिल करने का विषय भी शामिल है। बागची ने कहा कि ऋण के सिलसिले में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से जुड़े कुछ विषय हैं और आईएमएफ, श्रीलंका के प्रमुख कजर्दाताओं से वित्तीय आश्वासन चाहता है। उन्होंने कहा कि हमने यह आश्वासन औपचारिक तौर पर आईएमएफ को भेज दिया है ताकि श्रीलंका को यह समझौता करने में मदद मिल सके। बागची ने कहा कि इससे श्रीलंका में अतिरिक्त वित्त आयेगा और टिकाऊ राजकोषीय सुदृढ़ीकरण हो सकेगा।

गौरतलब है कि श्रीलंका अभी गंभीर आíथक संकट की स्थिति का सामना कर रहा है और कर्ज पुनर्गठन को लेकर वह भारत से सहयोग को लेकर आशान्वित है। श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 2.9 अरब डॉलर का ऋण हासिल करने के लिए प्रयासरत है और चीन, जापान तथा भारत जैसे प्रमुख कजर्दाताओं से वित्तीय आश्वासन हासिल करने का प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रलय के अनुसार, विदेश मंत्री जयशंकर बृहस्पतिवार को श्रीलंका पहुंचे। इस यात्र के दौरान जयशंकर श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने से मुलाकात करेंगे। वह श्रीलंका के विदेश मंत्री एम.यू.एम. अली साबरी के साथ दोनों देशों के संबंधों के सम्पूर्ण आयामों पर चर्चा करेंगे।