चीनी लोग नदियों, झीलों और समुद्रों से भोजन कैसे माँगते हैं?

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मत्स्य संसाधनों के संरक्षण, विकास और तर्कसंगत उपयोग को मजबूत करने, कृत्रिम प्रजनन विकसित करने, मत्स्य उत्पादकों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करने, मत्स्य उत्पादन के विकास को बढ़ावा देने और समाजवादी निर्माण और लोगों के जीवन की जरूरतों को पूरा करने के लिए चीन लोक गणराज्य का मत्स्य कानून 20 जनवरी, 1986 को स्थापित किया गया है।

बताया जाता है कि जलीय उत्पाद महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद हैं और उच्च गुणवत्ता वाले पशु प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। चीन में जलीय उत्पादों का वार्षिक उत्पादन कई वर्षों से 6.5 करोड़ टन से ऊपर बना हुआ है। जलीय उत्पाद मुख्य रूप से मत्स्य पालन और मछली पकड़ने से आते हैं। चीन विश्व के प्रमुख मत्स्य देशों में एकमात्र देश है, जिस का मत्स्य पालन उत्पादन मछली पकड़ने के उत्पादन से अधिक है। चीन का मत्स्य पालन उत्पादन दुनिया के जलीय उत्पादों के कल मत्स्य पालन उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत का है और चीन में मत्स्य पालन उत्पादन और मछली पकड़ने के उत्पादन का अनुपात 81:19 तक पहुंच गया।

नयी स्थिति में मत्स्य और पारिस्थितिक पर्यावरण संरक्षण के बीच संबंध को सही तरीके से कैसे समझें? और मत्स्य विकास के लिए क्या विकास स्थान और निहित शक्ति है? गत वर्ष में आयोजित एनपीसी और सीपीपीसीसी के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस का जवाब दिया है। उनके अनुसार हमें नदियों, झीलों और समुद्रों से भोजन मांगना चाहिए, मत्स्य पालन उत्पादन को स्थिर करना चाहिए, सक्रिय रूप से वेलापवर्ती मत्स्य पालन का विकास करना चाहिए और मत्स्य विकास की गुणवत्ता में सुधार करना चाहिए। उन की बातों ने मत्स्य पालन में अच्छा काम करने के लिये एक बुनियादी मार्गदर्शक प्रदान किया, और जलीय प्रजाति उद्योग के विकास के लिए एक नई दिशा की ओर इशारा किया।

भविष्य में चीन झीलों से उचित बड़े जल क्षेत्र के मत्स्य पालन, दूर व गहरे समुद्र के मत्स्य पालन, फैक्टरी मत्स्य पालन, खारे पानी में मत्स्य पालन का बड़ा विकास करेगा और संबंधित तकनीक और मॉडल स्थापित करेगा, ताकि नदियों, झीलों और समुद्रों से भोजन माँगने के लिये उत्कृष्ट किस्मों और तकनीकी सहायता की गारंटी दी जा सके।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)