Punjab Police ने गणतंत्र दिवस से पहले गैंगस्टर लंडा से जुड़े व्यक्तियों के संदिग्ध ठिकानों पर की छापेमारी

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चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के विजन के अनुरूप पंजाब को अपराध मुक्त राज्य बनाने के लिए चल रहे अभियान के बीच गैंगस्टर आतंकवादी साठगांठ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर से आतंकवादी बने लखबीर सिंह उर्फ लंडा से जुड़े व्यक्तियों के संदिग्ध ठिकानों पर रविवार को बड़े पैमाने पर छापेमारी की। चल रहे मामलों में पंजाब के सभी जिलों में तरनतारन जिले के हरिके गांव के लखबीर लंडा से जुड़े आवासीय और अन्य परिसरों पर एक साथ छापेमारी की गई। ऑपरेशन का उद्देश्य भारत और विदेशों में स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच सांठगांठ को तोड़ना था।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब पुलिस की 142 पार्टियों द्वारा चलाए गए एक दिन के अभियान में लंडा से जुड़े 334 लोगों पर छापेमारी की गई, जिसमें लगभग 800 पुलिसकर्मी शामिल थे। अकेले तरनतारन जिले में 65 पुलिस दलों ने लखबीर लंडा से जुड़े 171 लोगों के परिसरों पर छापेमारी की। उन्होंने कहा कि लखबीर लंडा द्वारा समर्थित हाल ही में भंडाफोड़ किए गए मॉड्यूल में कई व्यक्तियों से पूछताछ के बाद आज तलाशी की योजना बनाई गई थी। अधिक जानकारी साझा करते हुए, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) कानून व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने कहा कि आगे के सत्यापन के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है, जिसकी आगे जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान जुटाए गए आंकड़ों की और जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि कनाडा स्थित गैंगस्टर से आतंकवादी बने लखबीर सिंह उर्फ लंडा पंजाब और विदेशों में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल है, जो पंजाब पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी है। वह श्रेणी-ए का गैंगस्टर है, जो 2017 में कई अपराध करने के बाद कनाडा भाग गया था। कनाडा में बैठकर, वह पंजाब में जबरन वसूली, हत्याओं और अन्य आतंकी अपराधों में शामिल गैंगस्टरों का एक नेटवर्क चलाता है। वह विभिन्न देशों में स्थित अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इन अपराधों में लिप्त रहा है। वह पाकिस्तान में स्थित हरविंदर सिंह उर्फ रिंडा का करीबी सहयोगी है और पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा सक्रिय रूप से समर्थित है। वह हाल ही में सरहाली के खुफिया मुख्यालय और पुलिस स्टेशन भवन पर आरपीजी हमलों का मास्टरमाइंड था। उसके खिलाफ हत्या, एनडीपीएस एक्ट, जबरन वसूली, फिरौती और आतंक फैलाने से संबंधित 31 एफआईआर दर्ज हैं।