राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 11 बच्चों को प्रदान किए बाल खेल पुरस्कार

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नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को यहां गणतंत्र दिवस से पूर्व एक समारोह में 11 बच्चों को विभिन्न श्रेणियों में सराहनीय कार्यों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2023 प्रदान किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चे हमारे देश की अमूल्य संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य-निर्माण के लिए किया गया हर प्रयास समाज और देश के भविष्य को दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, कि हमें उनके सुरक्षित और खुशहाल बचपन तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए। बच्चों को पुरस्कार देकर, हम राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रोत्साहित और सम्मानित कर रहे हैं।” राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ पुरस्कार विजेताओं ने इतनी कम उम्र में ही इतना अदम्य साहस और पराक्रम दिखाया है कि उनके बारे में जानकर न केवल आश्चर्य हुआ बल्कि मैं अभिभूत हो गयी। उनके उदाहरण सभी बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं।

मुर्मू ने कहा , कि “ हम देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। कड़े संघर्ष के बाद हमें आजादी मिली है। इसलिए नई पीढ़ी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे सभी इस स्वतंत्रता के मूल्य को पहचानें और इसकी रक्षा करें। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे देश के हित के बारे में सोचें और जहां भी मौका मिले देश के लिए काम करें।” राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय जीवन-मूल्यों में परोपकार को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। जीवन उन्हीं के लिए सार्थक है, जो दूसरों के लिए जीते हैं। संपूर्ण मानवता के प्रति प्रेम का भाव, पशु-पक्षियों और पौधों की देखभाल की संस्कृति; भारतीय जीवन-मूल्यों का अंग है।

उन्होंने बच्चों से कहा कि वह यह ध्यान रखें कि वह जो कुछ भी करते हैं, उससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है। उन्होंने उनसे पौधे लगाने और उनकी रक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने बच्चों से ऊर्जा बचाने और बड़ों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को छह श्रेणियों – कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, शैक्षिक, सामाजिक सेवा और खेल में उनकी उत्कृष्टता के लिए प्रदान किये जाते हैं। इस वर्ष, कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, सामाजिक सेवा और खेल की श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।