हिमाचल CM Sukhu ने केंद्रीय विज्ञान मंत्री Dr. Jitendra Singh से की मुलाक़ात, राज्य में मौसम वेधशाला स्थापित करने का किया आग्रह

Spread the News

नयी दिल्ली: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष एवं परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का सर्वोत्तम उपयोग, कृषि, बागवानी और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के संबंध में विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य के किसी भी मेडिकल कॉलेज में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग स्थापित करने पर विचार कर रही है ताकि कैंसर रोगियों को समय और संसाधन की बचत के साथ रेडिएशन थेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय की मांग है कि पारंपरिक तरीकों के बजाय खेती की आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति को अपनाया जाए और इसके लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य के उद्यानिकी एवं कृषि विभागों के अधिकारियों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ उनके लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करने का भी अनुरोध किया ताकि वे नई नवीन प्रौद्योगिकी से अधिक परिचित हो सकें। उन्होंने किसानों और बागवानों को नई तकनीकों से परिचित कराने के लिए संगठित प्रशिक्षण दिलाने का भी अनुरोध किया।

इन नई तकनीकों से किसानों और बागवानों को अपनी उपज की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने लैवेंडर पौधों की खेती के लिए चंबा जिले को अरोमा मिशन के तहत शामिल करने और इसके लिए किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करने की वकालत की। मुख्यमंत्री ने भूकंप के प्रति राज्य की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कांगड़ा और हमीरपुर भूकंपीय क्षेत्र में एक उच्च तकनीक भूकंपीय प्रयोगशाला सह डेटा विश्लेषण केंद्र स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने डॉ. जितेंद्र सिंह को अवगत कराया कि चूंकि राज्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक संवेदनशील है, इसलिए हमीरपुर, चंबा, नालागढ़, केलांग और काजा में मौसम वेधशालाओं की स्थापना के अलावा किन्नौर और लाहौल स्पीति के दो आदिवासी जिलों में डॉपलर राडार स्थापित करने की आवश्यकता है।

आपदा प्रतिक्रिया, विश्लेषण और मौसम की जानकारी के प्रसार को मजबूत करने के लिए हमीरपुर जिले में एक डेटा सेंटर के होगा। इससे न केवल जान बचाने में मदद मिलेगी बल्कि राज्य के किसानों और बागवानों को समय पर मौसम की जानकारी मिलेगी। डॉ सिंह ने हिमालयी पारिस्थितिकी के प्रति मुख्यमंत्री की चिंता और विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उनकी गहरी रुचि की सराहना की। उन्होंने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, रेजिडेंट कमिश्नर मीरा मोहंती, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया भी उपस्थित थे।