Digvijaya Singh द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगे जाने पर Rakesh Jamwal और Trilok Jamwal ने आपत्ति जताई

शिमलाः भाजपा के महामंत्री विधायक राकेश जम्वाल और त्रिलोक जम्वाल ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक पर एकबार फिर से सबूत मांगने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके बयान की भर्त्सना की हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सुर्खियों में रहने के लिए देश के वीर भारतीय सेना के पराक्रम पर विश्वास न करके लगातार उनका अपमान करते आ रही है। भारत जोड़ने की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी के नेता वास्तव में भारत तोड़ने में लगे हैं, तभी तो इनकी तथाकथित भारत जोड़ो यात्रा जब जम्मू कश्मीर पहुंचती है तो भारतीय सेना से सर्जिकल स्टाईक और एयर स्टाईक का सबूत मांगती है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा सर्जिकल स्टाईक और एयर स्टाईक का एक फिर से सबूत मांगने पर जमवाल ने कांग्रेस पार्टी से कुछ सवाल पूछते हुए अपेक्षा की है वे जल्द इसका जवाब देंगे।

• कांग्रेस पार्टी निर्वाचित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा क्यों नहीं करती है?
• विश्व के सर्वाधिक पराक्रमी भारतीय सेना पर कांग्रेस पार्टी को विश्वास क्यों नहीं है?
• भारत अखंड था, अखंड है और अखंड रहेगा। राहुल गांधी की यात्रा जब जम्मू कश्मीर पहुंचती है तो कांग्रेस पार्टी पुनः सर्जिकल स्टाईक और एयर स्टाईक का प्रमाण मांगती है, ऐसा क्यों?
• भारतीय सेना आतंकी मुल्क पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मार गिराती है तो इसका दर्द पाकिस्तान और भारत में रहने वाली कांग्रेस पार्टी को क्यों होता है?

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नफरत करने में कांग्रेस पार्टी इतनी अंधी हो गयी है कि उसे अपनी जिम्मेदारियों का अहसास नहीं है। पुलवामा हमला होने के आधे घंटे बाद कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पुलवामा की घटना को अंदरुनी आतंकवाद का परिणाम बताते हुए इस हमले में आतंकवादी मुल्क पाकिस्तान को एक प्रकार से क्लीनचिट दे दी थी। सेना पर सवाल सिर्फ राहुल गांधी और रणदीप सुरजेवाला ने नहीं उठाए बल्कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के ईशारे पर भारतीय सेना का अपमान किया जाता रहा है। सैम पित्रादा ने पाकिस्तान को क्लीनचिट देते हुए कहा था कि पुलवामा हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने उनपर अबतक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? नवजोत सिंह सिद्धू कह रहे थे कि बालाकोट एयर स्टाईक में कोई आतंकी नहीं मारा गया है, वहां सिर्फ पेड़ पर बैठे कौवे मारे गए थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश की जनता को भारतीय सेना के वीर जवानों पर पूरा विश्वास है, किन्तु कांग्रेस पार्टी ने सर्जिकल स्ट्राइक का स्टेज टू तैयार करके सेना से प्रमाण मांगे। इसके बाद कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक का स्टेज थ्री तैयार किया। स्टेज थ्री में सूचना के अधिकार के तहत सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी मांगी गयी। डीजीएमओ ने उस आरटीआई का उत्तर दिया। आरटीआई में पहला सवाल पूछा गया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच कितने बार सर्जिकल स्ट्राइक की गयी। कितने जवानों की जानें गईं। डीजीएमओ ने उत्तर दिया कि भारतीय सेना द्वारा सीमा पार करके 29 सितंबर 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक किया गया था, जिसमें एक भी जवान हताहत नहीं हुआ। इससे पहले कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ है।

भारत के नागरिकों को देश के नेतृत्व और भारतीय सेना पर पूरा विश्वास है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई और कांग्रेस के शासनकाल में भारतीय सेना की कार्रवाई में अंतर है। जब 26/11 का आतंकी हमला हुआ, तब भारतीय वायु सेना के तत्कालीन एयरचीफ मार्षल फॉली होमी मेजर ने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह से कहा कि आप इजाजत दीजिए, भारतीय सेना आतंकी देश को नेस्तनाबूद कर देगी, लेकिन उस वक्त भारतीय सेना के हाथ बांध दिए गए और कार्रवाई करने की छूट नहीं दी गई। उस समय एक प्रतिष्ठ अखबार में खबर छपी कि सांसद राहुल गांधी उस रात को नाच-गाने में व्यवस्त थे। उस वक्त भारतीय सेना तैयार थी, किन्तु पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सेना को खुली छूट देने की कांग्रेस सरकार में राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं थी।

28 सितंबर 2016 उरी आतंकी हमले के दस दिनों के भीतर पाकिस्तान में घुसकर भारतीय सेना ने सर्जिकल स्टाईक किया। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकी हमला होता है। कांग्रेस पार्टी 56 इंच की छाती पर तंज कस रही थी। 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्टाईक कर आतंकवादी अड्डा को उड़ा दिया। जम्मू कश्मीर से जुड़ा अनुच्छेद 370 संविधान में अस्थायी अनुच्छेद के रुप में था, किन्तु कांग्रेस पार्टी ने 70 सालों मे इस अस्थायी अनुच्छेद को नहीं हटा पाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति ने अनुच्छेद 370 को धराशाई कर दिया। अनुच्छेद 370 हटने से कांग्रेस पार्टी को आज भी दर्द हो रहा है।