China का “वसंत त्योहार” भारत के “राष्ट्रीय दिवस” से है मिलता

इन दिनों चीनी लोग और दुनियाभर के विभिन्न स्थलों में चीनी मूल के लोग और प्रवासी चीनी मजबूत उत्सव के माहौल में अपने पारंपरिक त्योहार- वसंत महोत्सव का जश्न मना रहे हैं। चीनी पंचांग के अनुसार, वर्ष के पहले महीने के पहले दिन से 15वें दिन तक, चीनी परिवारों के पुनर्मिलन, पुराने समय से अलविदा कहने और नए साल का स्वागत करने का त्योहार है, यह है वसंतोत्सव। 26 जनवरी को चीनी पंचांग के अनुसार, पहले माह का पांचवां दिन है,पारंपरिक चीनी नववर्ष की प्रथा के अनुसार, इसे “फोवू” कहा जाता है। इस दिन, चीन में “पांच गरीबों का उनमूलन” नामक एक प्रथा है (यानी कि बुद्धि में गरीब,अध्ययन में गरीब, संस्कृति में गरीब, जीवन में गरीब,और दोस्ती में गरीब)। सुबह से, लोग पटाखे फोड़ते हैं और घर की सफ़ाई करते हैं।

यह चीनी लोगों की बुरी आत्माओं को भगाने, आपदाओं को खत्म करने, सौभाग्य और खुशी का स्वागत करने के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करता है। “फोवू” का “पुराने वर्ष से विदाई” का अर्थ भी है। इस दिन के बाद, नए साल की पूर्व संध्या से पहले सब कुछ धीरे-धीरे वापस लौट आजाएगा। उधर, 26 जनवरी को भारत में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह त्योहार 26 जनवरी, वर्ष 1950 को भारत गणराज्य की स्थापना की याद दिलाता है, जब संविधान लागू हुआ था। सन् 1950 से ही, हर वर्ष 26 जनवरी को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन और इंडिया गेट के बीच मार्ग पर भव्य परेड और जश्न समारोह आयोजित किया जाता है।

गणतंत्र दिवस की गतिविधियों में मुख्य रूप से सैन्य परेड और परेड झांकियां दो भाग शामिल होते हैं, जो कि भारत के लिए अपनी राष्ट्रीय सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने का भव्य समारोह है। चीन और भारत एक दूसरे के नजदीक पड़ोसी हैं। लंबे इतिहास और शानदार सभ्यता वाली प्राचीन सभ्यताओं के रूप में, चीनी और भारतीय संस्कृतियों में कई समानताएं और संलयन हैं। दोनों संस्कृतियाँ विविध हैं, पारिवारिक नैतिकता और परंपराओं के प्रति सम्मान को महत्व देती हैं। 26 जनवरी को चीनी “वसंत त्योहार” और भारतीय “गणतंत्र दिवस” मिलने वाला दिन है, जो चीन में भारतीयों और भारत में चीनी लोगों के लिए अलग त्योहार का अनुभव लाएगा।

दोनों देशों के लोग एक दूसरे के त्योहार के विभिन्न रीति-रिवाजों को महसूस करते हैं, एक दूसरे के त्योहार संस्कृतियों की सुंदरता का आनंद लेते हैं और आपसी समझ में पारंपरिक मैत्री को बढ़ावा देते हैं। चीन और भारत दुनियाभर में दो सबसे अधिक आबादी वाले और सबसे बड़े विकासशील देश और प्राचीन सभ्यताएं हैं।वर्तमान में, दोनों देशों के लोग कड़ी मेहनत कर रहे हैं और देश के विकास और राष्ट्रीय कायाकल्प के लिए प्रयास कर रहे हैं। 2023 में नए साल की शुरुआत में दोनों देशों के अहम त्योहारों का इस वक्त मिलन हो रहा है। इसे एक सुअवसर के रूप में लेते हुए कामना है कि चीन और भारत दोनों अधिक विकास हासिल कर सकें, एक-दूसरे से सीखें, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दें और लोगों के बीच दोस्ती को गहरा करें।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)