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Under-19 Women T-20 WC: स्केटिंग की शौकीन पाश्र्वी चोपड़ा के लिए अब Cricket ही उनकी जिंदगी

January 30, 2023

Under-19 Women T-20 WC: स्केटिंग की शौकीन पाश्र्वी चोपड़ा के लिए अब Cricket ही उनकी जिंदगी

बुलंदशहरः अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाली बुलंदशहर की हरफनमौला खिलाड़ी पाश्र्वी चोपड़ा कभी स्केटिंग की दीवानी थीं लेकिन अब क्रिकेट ही उनकी जिंदगी बन गया है। भारत ने पहले महिला अंडर-19 टी-20 विश्व कप के फाइनल में रविवार को इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर खिताब पर कब्जा कर लिया। इस जीत में 16 वर्षीय लेग ब्रेक गेंदबाज पाश्र्वी ने चार ओवर में मात्र 13 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट लिए। भारत की ऐतिहासिक जीत पर जहां देश भर में जश्न का माहौल है, वहीं बुलंदशहर के सिकंदराबाद में पाश्र्वी के पिता गौरव चोपड़ा के घर में भी खुशियां छाई हुई हैं। भारत की खिताबी जीत के बाद पाश्र्वी के पैतृक निवास सिकंदराबाद में ढोल की धुन पर उनके तमाम रिश्तेदारों ने जमकर नृत्य किया और मिठाइयां बांटी हैं।

पाश्र्वी के पिता ने कहा , कि ‘ पाश्र्वी बचपन से ही क्रिकेट मैच देखती थी। मगर शुरुआत में उसे स्केटिंग का जुनून था और वह इसमें काफी अच्छा कर रही थी लेकिन स्केटिंग से उसका मन अचानक हटकर क्रिकेट में लग गया। अब क्रिकेट ही उसकी जिंदगी बन चुका है।’’ चोपड़ा ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि उनकी बेटी ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाली भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा , कि ‘ हमने कभी पाश्र्वी की कोचिंग में कोई कमी नहीं होने दी। पाश्र्वी ने दो अकादमी जॉइन की हैं ताकि उसे रोजाना सीखने का मौका मिले। एक अकादमी हफ्ते में तीन से चार दिन ही चलती है।’’

उन्होंने कहा कि पाश्र्वी ने सफलता की पहली सीढ़ी हासिल की है। अभी बहुत लंबा सफर है और सीखने की उम्र तो कभी खत्म नहीं होती है। पाश्र्वी की मां शीतल चोपड़ा ने बताया कि पाश्र्वी जब 10 साल की थी तब से खेल पर मेहनत कर रही है। वह जब 12 साल की थी तब उसने अपना पहला ट्रायल दिया था, लेकिन तब उसका चयन नहीं हो पाया था। उसके बाद 13 साल की उम्र में उसका चयन हुआ। वह अंडर-16 भी खेल चुकी है।

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