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Bilaspur की Gobind Sagar Lake में बर्ड वाचिंग पर्यटन की हैं अपार संभावनाएं

February 10, 2023

Bilaspur की Gobind Sagar Lake में बर्ड वाचिंग पर्यटन की हैं अपार संभावनाएं

बिलासपुर : गोविंद सागर झील में प्रवासी पक्षियों के आगमन के साथ-साथ यहां वेटलैंड की संभावनाओं को भी उजागर करने के प्रति कोशिश की जा रही है। यद्यपि यहां प्रवासी पक्षियों की आमद अभी कम है किंतु यदि वेटलैंड निर्मित होती है तो यह संभावना बहुत बढ़ जाएंगी, जिससे बर्ड वाचिंग टूरिज्म को अधिमान मिलेगा। पर्यटन के विस्तृत क्षेत्र में बर्ड वाचिंग टूरिज्म का अपना एक अलग स्थान है जिसे विश्व भर में काफी मान्यता प्राप्त है। विदेशों में बर्ड वाचिंग टूरिज्म को एक बडे उद्योग के रूप में स्थापित किया गया है, जो युवाओं के लिए खासी आमदनी का जरिया बना है।

गोविंद सागर झील के दोनों ओर का क्षेत्र बर्ड वाचिंग व वैटलैण्ड, बर्ड सैक्युचरी पर्यटन के लिए आने वाले समय उपयुक्त स्थान बनकर उभर सकता है। बर्ड सैक्युचरी के लिए जिन क्षेत्रों की आवश्यकता होती है वो सब क्षेत्र, जलवायु व वनस्पति एवं पहाड़ियां यहां उपलब्ध है। वैटलैण्ड इंटरनैशनल साउथ एशिया के तकनीकी अधिकारी अघ्र्या ने बताया कि इस दिशा में क्षमता निर्माण का कार्य आरम्भ किया जा रहा है। पर्यटन को स्थापित करने के लिए गोविंद सागर के पानी गुणवत्ता को और अधिक बढ़ाना होगा। पक्षियों की संख्या को बढ़ाने के दृष्टिगत उचित रख-रखाव, संरक्षण, सुरक्षा भी आवश्यक है।

गोविंद सागर झील जोकि लगभग 168 वर्ग किलोमीटर में फैली है। पर्यटन की अपार संभावनाओं से लबरेज है। इस दृष्टि से गोविंद सागर झील में जल पक्षी की पहली गणना बोम्बे नैचुरल हिस्ट्री सोसायटी और वेटलेण्ड इंटरनैशनल साउथ एशिया द्वारा गत दिनों गोविंद सागर झील में एशियन वाटर बर्ड सेंसिज़ के रूप में की गई, जिसमें प्रवासी पक्षियों की 41 प्रजातियों के 3101 पक्षी जनगणना के अधीन पाए गए। उल्लेखनीय है कि रिवरटन प्रजाति के पक्षी का संरक्षण विश्व स्तर पर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पूर्व में रूडी शेलडक, नॉर्दनन शॉवलर, कूट्स, ग्रेटर थिंक नी, सेंडपाईपर, ग्रेटर कॉरमोरेंट, लिटल कॉरमोरेंट, मलारड रिवर लैपविंग, रेड वेंटिड लैपविंग, ब्राउन हेडेड गूल, पालाज़ गूल, लिटिल इग्रेट तथा गेट्र क्रिस्टड ग्रैब प्रजातियां यहां देखी गई।

झील में आने वाले प्रवासी पक्षी अधिकांश रूप से उत्तर अमेरिका, यूरोप व एशिया, मयंमार व थाईलैंड देशों से आते हैं। एकीकृत प्रबंधन योजना के अंतर्गत प्रवासी पक्षियों की इस गणना से जहां योजना को लाभ मिलेगा वहीं इस दिशा में सकारात्मक प्रयासों से इस क्षेत्र में बर्ड वाचिंग पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए बल मिलेगा। इस दृष्टि से बिलासपुर के गोविंद सागर झील के आसपास के क्षेत्रों में इस नई सम्भावना के सृजन के लिए प्रदेश सरकार को वृहद आकार देने के लिए सम्बद्ध विभागों व हित कारकों के साथ मिलकर कार्य योजना को तैयार कर धरातल पर उतारना होगा।

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