
होली का त्योहार हर साल बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। होली इस बार 8 मार्च दिन सोमवार को मनाई जाएगी। होली का त्योहार रंगों ओर मस्ती का त्योहार है। इस बार होली के इस पर्व पर कई शुभ योग बन रहे है। गुरू अपनी स्वराशि में होने से हंस नामक राज योग और शुक्र अपनी उच्च राशि में होने से मालव्य योग बनेंगे। होली से पहले 6 मार्च को फाल्गुन की पूर्णिमा को होलिका दहन मनाया जाएगा। होलिका दहन के दिन ग्रहों और नक्षत्रों का विशेष योग आपके लिए शुभ बनेगा। कुंभ राशि, शनि और बुध का इस दिन त्रिग्रही योग बनेगा साथ ही बताया जा रहा है कि इस दौरान कई ग्रह अपने उच्च स्तर पर देखने को मिलेंगे।
होलिका दहन का समय व मुहूर्त
होलिका दहन शाम 4:18 बजे पूर्णिमा को प्रारंभ होगी। इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी सोमवार 6 मार्च को शाम 4:18 बजे पूर्णिमा शुरू होगी, जो अगले दिन मंगलवार को शाम 6:10 बजे तक रहेगी। हालांकि इस दिन भद्रा शाम 4:18 से दूसरे दिन सुबह 5:14 बजे तक रहेगी. शास्त्रानुसार होलिका दहन में भद्रा टाली जाती है. धर्म सिंधु का मत मिलता है कि भद्रा का समय यदि निशीथ (अर्धरात्रि) के बाद चला जाता है, तो होलिका दहन भद्रा मुख को छोड़कर भद्रा पुच्छकाल या प्रदोषकाल में करना श्रेष्ठ बताया गया है।
होलिका दहन का समय
होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ समय सोमवार 6 मार्च को सायकाल 6:28 से 6:38 के मध्य रहेगा इस दौरान होलिका दहन करना शुभ फलदाई रहेगा.7 मार्च मंगलवार को धुलंडी का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन नवविवाहित लड़कियां होली की राखसे पिंडलिया बनाकर गणगौर के पूजन का श्रीगणेश करेगी. राजकीय होलीका दहन 6 मार्च को शाम 6:30 बजे होगा।
मेष: दिन शुभ रहेगा...