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सोनभद्र में हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को उम्रकैद, साढ़े 15 वर्ष पूर्व डंडे से मारकर किया था युवक का कत्ल

March 14, 2023

सोनभद्र में हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को उम्रकैद, साढ़े 15 वर्ष पूर्व डंडे से मारकर किया था युवक का कत्ल

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश में सोनभद्र की एक अदालत ने हत्या के करीब डेढ दशक पुराने मामले में मंगलवार को हत्या के आरोपी दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनायी है। साढ़े 15 वर्ष पूर्व मदन की लाठी डंडे से मारकर की गई हत्या के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम लीकुज्जमा की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी दो सगे भाइयों रामविलास कोल व रामजी कोल को उम्रकैद व 18 – 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक घोरावल थाना क्षेत् के पुरना गांव निवासी कप्तान गौड़ ने थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 28 अक्तूबर 2007 को करीब साढ़े सात बजे वह अपने भाई प्रभु गौड़ और भौजाई प्रभावती से उनके दरवाजे पर बातचीत कर रहा था, श्यामलाल की लड़की को बिच्छी मार दी थी जिसे खनदेउर ले जाने के लिए मोटरसाइकिल लेने जा रहा था कि अपने दरवाजे पर बैठे सगे भाइयों रामविलास कोल व रामजी कोल ने उससे अभद्र भाषा में बात की और कुछ ही देर में गाली देना शुरु कर दिया।

विरोध करने पर उन्होने बड़े भाई प्रभु को लाठी डंडे से मारा, साथ ही सामने से आ रहे पिता मदन को भी दोनों भाइयों ने लाठी डंडे से मारने लगे, जिससे गंभीर चोट लगने की वजह से पिता को गंभीर चोट आयी। उन्हें तत्काल घोरावल सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां से डाक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर हालत को देखते हुए वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी ले जाते समय पिता मदन की मौत हो गई।

इस तहरीर पर 29 अक्तूबर 2007 को पुलिस ने घोरावल कोतवाली क्षेत्र के पुरना गांव निवासी सगे भाइयों रामविलास कोल व रामजी कोल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रवली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी सगे भाइयों रामविलास कोल व रामजी कोल को उम्रकैद व 18 – 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

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