Last Updated: November 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

JIBS के Vipin Vijay Nair को IASOC द्वारा Best PhD Award से नवाजा गया

March 17, 2023

JIBS के Vipin Vijay Nair को IASOC द्वारा Best PhD Award से नवाजा गया

सोनीपत: इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम (आईएएसओसी) ने जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ बिहेवियरल साइंसेज (जेआईबीएस) के सहायक प्रोफेसर डॉ. विपिन विजय नायर को उनके काम के लिए सर्वश्रेष्ठ पीएचडी डिजर्टेशन अवार्ड से सम्मानित किया है। उनका थेसिस था : ‘व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों की मुकाबला तंत्र की खोज: पुनर्वास में एक भागीदारी कार्रवाई अनुसंधान, भारत में सुरक्षात्मक घर’। यह पुरस्कार संगठित अपराध के क्षेत्र में उत्कृष्ट छात्रवृत्ति को मान्यता देता है और क्षेत्र में विद्वानों के लिए प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। डॉ. नायर 2018-21 से जेआईबीएस में एक इन-सर्विस डॉक्टरेट स्कॉलर थे, जो प्रो. ऑफ एमिनेंस (डॉ.) संजीव पी. साहनी, जेआईबीएस के संस्थापक और प्रधान निदेशक और सेंट क्लाउड स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए में आपराधिक न्याय और अपराध विज्ञान के प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) डी.टी. एंडजेंज की देखरेख में थे। यह पुरस्कार उन्हें अमेरिका के फिलाडेल्फिया में 15-18 नवंबर, 2023 के बीच अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी की वार्षिक बैठक में प्रदान किया जाएगा।

आईएएसओसी ने पुरस्कार नोट में कहा, ‘‘हम मानते हैं कि आपका काम नीति प्रासंगिक है और यौन शोषण से पीड़ित लोगों की रिकवरी और पुनर्वास के लिए व्यापक अनुप्रयोग है।’’ अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ वैश्विक पहल के सचिवालय द्वारा संचालित, आईएएसओसी एक अंतरराष्ट्रीय निकाय है जो संगठित अपराध के अध्ययन को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है और इसमें शिक्षाविदों, पेशेवरों और छात्रों का एक नेटवर्क शामिल है, जिनका ध्यान इन क्षेत्रों में है। डॉ. नायर का शोध प्रबंध भारत में कमजोर और पीड़ित महिलाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले तंत्र की पड़ताल करता है, जो व्यावसायिक यौन शोषण के अधीन हैं। आश्रय गृहों में रहने वाली पीड़ितों के साथ व्यापक फील्डवर्क और साक्षात्कार के माध्यम से डॉ. नायर उन मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों का व्यापक विेषण प्रदान करते हैं जो इन महिलाओं की मुकाबला करने की रणनीतियों को आकार देते हैं। पुरस्कार पर टिप्पणी करते हुए डॉ. नायर ने कहा, ‘‘मैं इस पुरस्कार को प्राप्त करने के लिए सम्मानित और विनम्र हूं और मुङो उम्मीद है कि मेरा काम भारत में कमजोर और पीड़ित महिलाओं के अनुभवों को बेहतर ढंग से समझने में योगदान देगा।

मेरा शोध इन महिलाओं को मजबूत बनाने और ताकत पर प्रकाश डालता है, जिन्होंने अकल्पनीय आघात का सामना किया है और अपने अधिकारों और सम्मान के लिए लड़ना जारी रखा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने सुपरवाइजर डॉ. संजीव पी. साहनी का उनके निरंतर मार्गदर्शन, सलाह के लिए अत्यधिक ऋणी हूं। उनकी सलाह और निर्देश ने मुङो विषय की बारीकियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद की।’’डॉ. नायर के शोध प्रबंध की इसकी मौलिकता, कठोरता और शैक्षणिक हलकों में नीति और अभ्यास को प्रभावित करने की क्षमता के लिए प्रशंसा की गई है। यह पुरस्कार जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ बिहेवियरल साइंसेज द्वारा किए गए शोध की गुणवत्ता का प्रमाण है और ओ.पी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के लिए गर्व का क्षण है। गौरतलब है कि उन्हें इससे पहले इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी के 38वें राष्ट्रीय सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक शोध पत्र के लिए रजत पदक से भी नवाजा जा चुका है।

ये भी पढ़ें: घड़ा ही नहीं, मिट्टी की बोतल और गिलास भी हैं खास, प्राकृतिक ठंडक के साथ पानी का स्वाद बढ़ाएं

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें