ऊना: अपने परिवार के पेट की खातिर उनकी मुस्कान की खातिर पढ़ने की उम्र में सड़क के किनारे खिलौनों को लेकर बेचती युवती। यह युवती सड़क के किनारे इन खिलौनों से बच्चों को आकर्षित करती है। बच्चे अपनी मुस्कान के लिए अभिभावकों को खिलौना लेने के लिए कहते हैं और अभिभावक भी अपने घर में बच्चों की मुस्कान के लिए उनके लिए खिलौने लेकर के जाते हैं। सड़क पर दिनभर बैठकर इसी प्रकार अलग-अलग जगह पर यह प्रवासी खिलौने बेच रहे हैं। पढ़ाई की उम्र है पर परिवार की जिम्मेदारी भी है। कभी खिलौने बिकते हैं, कभी नहीं बिकते हैं पर आस यह की खिलौना बिके तो परिवार की रोटी चले। ऐसे ही कई प्रवासी आजकल ऊना में अनेक स्थानों पर इस प्रकार खिलौने व अन्य सामान बेच कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...