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China की लोकतांत्रिक व्यवस्था जनमत को कैसे दर्शाती है?

April 3, 2023

China की लोकतांत्रिक व्यवस्था जनमत को कैसे दर्शाती है?

विदेशों में चीन की राजनीतिक व्यवस्था के प्रति एक ऐसा पूर्वाग्रह है कि चीन में लोकतंत्र नहीं है, और आम लोगों की इच्छा और हितों को सरकार की शासन प्रक्रिया में प्रतिबिंबित नहीं किया जा सकता है। पश्चिमी मीडिया के प्रचार से प्रभावित होकर कुछ विदेशी लोगों को इस पर भी बड़ी गलतफहमी है। क्योंकि वे चीन की जन प्रतिनिधि सभा और राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की प्रणाली को नहीं जानते हैं, और नहीं समझते कि यह प्रणाली लोगों की आवाजों और हितों को कैसे दर्शाती है।

चीनी जन प्रतिनिधि सभाएं भी ग्रेड-दर-ग्रेड चुनाव से निर्वाचित की जाती हैं। पूरे देश मेंं पांच स्तर की जन प्रतिनिधि सभाएं हैं। मतदाता टाउनशिप और काउंटी के प्रतिनिधियों का चुनाव करने के लिए सीधे मतदान करते हैं, और फिर ये प्रतिनिधि प्रांतीय और शहर के स्तर के प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं, और अंत में राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा का चुनाव करते हैं। चीन में एक अरब से अधिक मतदाता हैं, और प्रतिनिधियों के उम्मीदवारों को सभी क्षेत्रों के लोगों के रायों के आधार पर नामित किया जाता है। इन प्रतिनिधियों की योग्यता समीक्षा के लिए जिम्मेदार एक विशेष एजेंसी है। प्रतिनियुक्तियों का वितरण पूरी तरह से क्षेत्रों, जातीय समूह और व्यवसाय के संतुलन को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 14वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा में कुल 2,977 प्रतिनिधि हैं, जिनमें मजदूरों और किसानों के 497 प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

विभिन्न स्तरों पर जन प्रतिनिधि सभाओं में भाग लेने पर, प्रतिनिधियों को राज्य के मामलों में भाग लेने और उन पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है। वे लोगों के आवास, शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा देखभाल और पेंशन आदि से संबंधित मुद्दों पर पूरी तरह से अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं और सरकार की नीतियों पर भी अपनी बिल पेश कर सकते हैं। सभी प्रतिनिधि नीति दस्तावेज बनाने और सरकार की कार्मिक नियुक्तियों को पारित करने के लिए मतदान करते हैं। जन प्रतिनिधि सभा का आयोजन सालाना किया जाता है। प्रतिनिधि आजीविका के मुद्दों पर अपने सुझाव और प्रस्ताव रखते हैं, और सरकार से विभिन्न कल्याणकारी सुरक्षा प्रणालियों में लगातार सुधार करने का आग्रह करते हैं।

चीन में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत एक और संस्थागत व्यवस्था है जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन। यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में बहुदलीय सहयोग और राजनीतिक परामर्श  की महत्वपूर्ण संस्था है, और वह भी राष्ट्रीय शासन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों, लोकतांत्रिक पार्टियों, बिना पार्टी संबद्धता वाले लोगों, जातीय अल्पसंख्यकों, हांगकांग व मकाओ विशेष प्रशासनिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की शामिली है। जन प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधियों से अलग, राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन के सदस्यों का चुनाव मतदाताओं द्वारा नहीं किया जाता है, बल्कि परामर्श और अनुशंसा द्वारा किया जाता है। हर साल जन प्रतिनिधि सभा और राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन का साथ-साथ आयोजन किया जाता है।प्रतिनिधि देश की प्रमुख नीतियों और सरकारी शासन पर चर्चा करने में भाग लेते हैं।

कुछ विदेशियों के विचार में चीनी जन प्रतिनिधि सभा तथा राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन पश्चिमी संसदों के दो सदनों के बराबर हैं, लेकिन यह सही नहीं है। चीनी जन प्रतिनिधि सभा और राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन के बीच जो संबंध है, वह पश्चिमी संसदों के ऊपरी और निचले सदनों का नहीं है। चीन में जन प्रतिनिधि सभा के पास देश का सर्वोच्च प्राधिकरण है, जो सरकार को शासन चलाने का अधिकार सौंपने के जिम्मेदार है। उधर राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन सभी क्षेत्रों के लोगों की आवाज़ें इकट्ठा कर सरकार को सुझाव और प्रस्ताव देता है। यह प्रणाली परामर्श के माध्यम से मतदान और चयन को जोड़ती है। चीन की लोकतांत्रिक प्रणाली जनमत के आधार पर सर्वश्रेष्ठ की नियुक्ति करती है, जो लोगों की व्यापक आवाजों और हितों को पूरी तरह से दर्शाती है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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