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निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही शिमला में बढ़ी सियासी हलचल, राजनीतिक दलों की होगी चुनावी बैठकें

April 6, 2023

निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही शिमला में बढ़ी सियासी हलचल, राजनीतिक दलों की होगी चुनावी बैठकें

शिमला : नगर निगम के चुनाव की घोषणा के साथ ही शिमला में सियासी हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक दल बजट सत्र के बाद आज से नगर निगम चुनाव की रणनीति तय करेंगे। चुनाव को लेकर कांग्रेस, भाजपा व माकपा की बैठकें आज से होंगी। बैठकें तीनों ही दलों के कार्यालयों में होनी हैं। चुनाव को लेकर 13 अप्रैल से नामांकन पत्र दाखिल किए जाने हैं, लिहाजा बैठकों में सबसे पहले उमीदवारों के नामों पर मंथन होगा। प्रदेश विधानसभा में भाजपा का मिशन रिपीट का सपना पूरा नहीं हो सका , लेकिन अब भाजपा एमसी शिमला में अपनी वापसी के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा देगी। चुनाव को लेकर भाजपा की उच्च स्तरीय बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय में होनी प्रस्तावित है।

बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप करेंगे, इस बैठक में विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ सभी प्रभारी और सह प्रभारियों मौजूद होंगे। बैठक में आगामी चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी और अहम फैसले लिए जाएगें। चुनाव को लेकर आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पीसीसी चीफ प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में होगी। बैठक में चुनाव से संबंधित कमेटियों का गठन होगा। वार्ड स्तर पर प्रभारी व सह प्रभारी और वार्ड इंचार्ज नियुक्त किए जाएगें। इसके साथ ही तीनों विधायको को भी अहम जिमेदारियां सौंपी जाएगी।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष जितेंद्रचौधरी ने बताया कि एमसी चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी पहले भी तैयार थी और अब भी है। विधानसभा चुनाव की तरह ही एमसी चुनाव में भी कांग्रेस शानदार जीत दर्ज करेंगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में आज एमसी चुनाव को लेकर अहम बैठक होगी। बैठक में चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही चुनावी कमेटियां गठित होगी और नियुक्तियां की जाएगी।

उम्मीदवारों के चयन को लेकर होगी माथापच्ची

नगर निगम चुनाव के लिए 13, 14 और 17 अप्रैल को नामांकन करना है। ऐसे में प्रत्याशी तय करने के लिए पार्टी के पास नाम मात्र का समय है। नगर निगम शिमला के 34 वाडरे में शिमला ग्रामीण के चार, कसुम्पटी के 12 और शिमला शहर के 18 वार्ड शामिल है। ऐसे में उम्मीदवार के चयन में तीनो विधानसभा के विधायकों का फैसला अहम रहेगा। खेर हर वार्ड में प्रत्याशी बनने की लड़ाई पूर्व पार्षदों के बीच है। वहीं रोस्टर में लड़ने का मौका गवा चुके पूर्व पार्षद अपनी पत्नियाें को आगे कर रहे है। ऐसे में इस बार भाजपा व कांग्रेस चुनाव में नए चेहरे उतारेंगी, इस पर सभी की नजरें होगी। बता दें कि वार्ड प्रभारी अपने-अपने वार्डाें में बैठक लेकर प्रत्याशियों के बीच आपसी सहमति से नाम तय करने की कोशिश कर रहे, जहां आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। वहां नाम आलाकमान को फाइनल करने के लिए भेजे जा रहे हैं।

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