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भारत में बच्चों को Technology के साथ पढ़ते देखकर दिल गदगद हो जाता है: Tik Kook

April 19, 2023

भारत में बच्चों को Technology के साथ पढ़ते देखकर दिल गदगद हो जाता है: Tik Kook

मुंबई: एप्पल के सीईओ टिम कुक ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि एप्पल का हमेशा से मानना रहा है कि शिक्षा से ही लोगों में बराबरी का दर्जा आ सकता है और एप्पल भारत में वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा और कौशल पहल का विस्तार करना जारी रखेगा। सात साल बाद यहां एप्पल का पहला खुद का ब्रांडेड खुदरा स्टोर शुरू करने के लिए भारत आए कुक ने मुंबई के लोअर परेल इलाके में सीताराम मिल कंपाउंड म्युनिसिपल स्कूल का दौरा किया जहां एप्पल ने कक्षाओं में आईपैड और एप्पल टीवी लगाए हैं।

अंग्रेजी माध्यम बीएमसी स्कूल आकांक्षा फाउंडेशन के शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा चलाया जाता है। यह एक गैर-लाभकारी संगठन का हिस्सा है। स्कूल में वर्तमान में 470 छात्र-छात्राएं हैं और 55 पूर्व विद्यार्थी हैं और प्रत्येक कक्षा में 40 छात्र-छात्राएं हैं। कुक ने आईएएनएस को बताया, ‘‘कंपनी की स्थापना के बाद से, हम शिक्षा पर बहुत ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह हमारे डीएनए में बसा हुआ है। इस तरह के कार्यक्रम वास्तव में मेरे दिल को सकून पहुंचाते हैं क्योंकि हम अपने उत्पादों को सीखने के माहौल में देख सकते हैं।’’

आकांक्षा फाउंडेशन अब मुंबई, पुणे और नागपुर में आर्थिक रूप से वंचित क्षेत्रों में ग्रेड 10 स्कूलों के माध्यम से 26 जूनियर किंडरगार्टन चलाता है। समानता सुनिश्चित करने के लिए छात्र का चयन लॉटरी से किया जाता है और मुख्य शैक्षणिक विषयों के अलावा, आकांक्षा सामाजिक-भावनात्मक और नैतिक शिक्षा पर बहुत जोर देता है। एप्पल ने 2015 से उनके काम को प्रायोजित करना शुरू किया है। वित्तीय सहायता के अलावा, कंपनी ने उन्हें आईपैड और एप्पल टीवी को उनकी कक्षाओं में एकीकृत करने में भी मदद की और उनके कई शिक्षकों ने एप्पल प्रोफेशनल लर्निंग स्पेशलिस्ट पदनाम हासिल किया है।

कुक ने कहा, ‘‘आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि कैसे इन बच्चों के सीखने में तेजी आ रही है और वे जो जुड़ाव लाते हैं वह बहुत अच्छा है। यह शिक्षा कार्यक्रम कुछ ऐसा है जो वास्तव में मुझे बहुत खुश करता है और हम भारत में ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार करेंगे ताकि अधिक से अधिक बच्चों को हमारी तकनीकों का लाभ उठाने में मदद मिल सके।’’ विद्यालय की प्रमुख मंदिरा पुरोहित हैं और वो 17 साल से आकांक्षा फाउंडेशन के साथ हैं।

उनके अनुसार, आईपैड बच्चों को रचनात्मक और पढ़ने के कौशल को प्राकृतिक तरीके से विकसित करने में मदद कर रहे हैं और कुक की स्कूल की पहली यात्रा ने न केवल बच्चों बल्कि पूरे शिक्षण स्टाफ में बहुत आत्मविश्वास पैदा किया है। उन्होंने आईएएनएस को बताया, ‘‘आईपैड ने यहां पढ़ाने और सीखने के तरीके को बदल दिया है। जब बच्चे समूहों में काम कर रहे होते हैं या विभिन्न विषयों पर सहयोग कर रहे होते हैं तो हम बहुत सारे सॉफ्टवेयर कौशल साझा कर रहे होते हैं। इसके अलावा, बच्चों की कक्षाओं में जाने पर कुक की प्रतिक्रिया हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक थी।’’

कुक ने स्कूल की पूर्व छात्रा निर्जला से भी मुलाकात की, जो छह बच्चों वाले एक बड़े परिवार से आती है, जो महामारी से आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित था। निर्जला ने दो साल के भीतर अपनी कक्षा के शीर्ष 10 तक पहुंचकर अपने शिक्षकों को चौंका दिया था। जब उसने दो साल पहले स्नातक की उपाधि प्राप्त की, तो उसे अपनी कक्षा के लिए एक एल्यूम्नी एम्बेसेडर के रूप में चुना गया, जिसमें वह अपने सहपाठियों के लिए कोआर्डिनेट्स एंगेजमेंटस इवेंटस को जोड़ती और समन्वयित करती है। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता बोमन ईरानी द्वारा होस्ट किए गए न्यूयॉर्क फंडरेजर में आकांक्षा का प्रतिनिधित्व किया।

निर्जला ने कुक को बताया, ‘‘किताबों के अलावा कक्षा में आईपैड और एप्पल टीवी के साथ सीखना हमारे लिए बहुत आसान हो गया। बुक क्रिएटर और आईमूवी जैसे ऐप्स और आईपैड पर कई अन्य एनीमेशन ऐप्स ने हमारे लिए एक नई दुनिया खोल दी।’’ संचार और विकास प्रमुख चित्रा पंडित के अनुसार, वे भाग्यशाली हैं कि 2015 से एप्पल की यह साझेदारी चल रही है। कुक के लिए, सीताराम मिल कंपाउंड म्युनिसिपल स्कूल का दौरा करना एक सुखद अनुभव था और कंपनी देश के और अधिक स्कूलों और बच्चों में इस तरह की पहल का विस्तार करेगी।

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