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जैव विविधता संरक्षण और सुरक्षा पर कार्रवाई करने में आगे है भारत : PM Modi

July 28, 2023

जैव विविधता संरक्षण और सुरक्षा पर कार्रवाई करने में आगे है भारत : PM Modi
चेन्नईः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि जैव विविधता के संरक्षण, सुरक्षा, बहाली एवं उनके संवर्धन पर कार्रवाई करने में भारत लगातार आगे रहा है और अपने अद्यतन लक्षय़ों के माध्यम से देश ने और भी ऊंचे मानक तय किए हैं। जी-20 पर्यावरण एवं जलवायु स्थिरता पर यहां आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें यह कहते हुए गर्व होता है कि भारत ने अपने महत्वाकांक्षी ‘‘राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान’’ के माध्यम से इस दिशा में नेतृत्व किया है। उन्होंने कहा, कि ‘भारत ने 2030 के लक्ष्य से 9 साल पहले ही गैर-जीवाश्म ईंधन स्नेतों से अपनी स्थापित विद्युत क्षमता हासिल कर ली है। हमने अपने अद्यतन लक्ष्याें के माध्यम से और भी ऊंचे मानक तय किए हैं। आज स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष पांच देशों में से एक है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, कि ‘हमने 2070 तक ‘‘शून्य उत्सजर्न’’ प्राप्त करने का लक्षय़ भी निर्धारित किया है। हमने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, सीडीआरआई और ‘‘उद्योग परिवर्तन के लिए नेतृत्व समूह’’ सहित अन्य गठबंधनों के माध्यम से अपने भागीदारों के साथ सहयोग करना जारी रखा है।’’ उन्होंने कहा, कि ‘भारत विशाल-विविधता से भरा देश है और देश जैव विविधता के संरक्षण, सुरक्षा, बहाली एवं उनके संवर्धन पर कार्रवाई करने में लगातार आगे रहा है। ‘गांधीनगर कार्यान्वयन खाका एवं मंच’ के माध्यम से आप जंगल की आग और खनन से प्रभावित प्राथमिकता वाले स्थानों पर बहाली को देख सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत ने बाघों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ से मिली सीख के आधार पर हाल में धरती पर बाघों की सात प्रजातियों के संरक्षण के लिए देश ने ‘‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’’ नामक पहल शुरू की है। ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के नतीजतन आज दुनिया में बाघों की कुल आबादी में से 70 प्रतिशत बाघ भारत में हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ‘प्रोजेक्ट लॉयन’ और ‘प्रोजेक्ट डॉल्फिन’ पर भी काम कर रहा है। उन्होंने ‘‘मिशन अमृत सरोवर’’ की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत की पहल लोगों की भागीदारी से संचालित होती है। ‘‘मिशन अमृत सरोवर’’ एक अनूठी जल संरक्षण पहल है। इस मिशन के तहत लगभग एक वर्ष में 63,000 से अधिक जलाशयों का विकास किया गया है। यह मिशन पूरी तरह से सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से और प्रौद्योगिकी की सहायता से कार्यान्वित किया गया है।
उन्होंने कहा, कि ‘हमारे ‘कैच द रेन’ अभियान के भी उत्कृष्ट परिणाम सामने आए हैं। जल संरक्षण के लिए इस अभियान के माध्यम से 2,80,000 से अधिक जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है।’’ इसके अलावा, लगभग 2,50,000 पुन: उपयोग एवं पुनर्भरण संरचनाओं का भी निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सब लोगों की भागीदारी और स्थानीय मिट्टी और पानी की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करके हासिल किया गया। उन्होंने कहा कि गंगा नदी की सफाई के लिए ‘‘नमामि गंगे मिशन’’ में सामुदायिक भागीदारी का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया। इससे नदी के कई हिस्सों में ‘गंगा डॉल्फिन’ के संरक्षण में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा, कि ‘आद्र्रभूमि संरक्षण में हमारे प्रयास भी सफल हुए हैं।’’

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