
भारतीय युवा पहलवान मोहित कुमार ने जॉर्डन में आयोजित अंडर 20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में पुरुषों के 61 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। मोहित अब अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियन बन गए हैं। इस प्रतियोगिता में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल है। मोहित इस उपलब्धि को हासिल करने वाले देश के चौथे पहलवान हैं। मोहित हरियाणा के झज्जर जिले के रूडियावास गांव के रहने वाला है। वह झज्जर के ही बुपनिया गांव के जयवीर अखाड़े में प्रेक्टिस करता है। मोहित की उपलब्धि से उसके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है।
मोहित से पहले पलविंदर चीमा (2001), रमेश कुमार (2001) और दीपक पुनिया (2019) अंडर 20 विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के लिए सीधी एंट्री दिए जाने के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर आवाज उठाकर चर्चाओं में आईं अंतिम पंघाल ने पिछले साल गोल्ड जीता था और वे ऐसा करने वाली एकमात्र महिला हैं। जॉर्डन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल करना भारतीय पहलवान मोहित कुमार के लिए आसान नहीं था क्योंकि मोहित ने 0-6 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए फाइनल में एल्डर अखमदुदिनोव की गलतियों का भरपूर फायदा उठाया और उन्हें 9-8 से हराया।
मोहित गजब की फॉर्म में हैं और उन्होंने इस साल अपने सभी 13 मैच जीते हैं और कोई हार नहीं हुई है। इस साल उन्होंने एशियाई अंडर 20 चैंपियनशिप का गोल्ड और एशियाई अंडर 23 चैंपियनशिप का गोल्ड भी जीता है। मोहित के बड़े भाई मुकेश कुमार ने बताया कि मोहित ने 10 साल पहले कुश्ती की प्रैक्टिस करनी शुरू की थी। अपनी कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत ही आज वह इस मुकाम पर पहुंचा है। मोहित की माता गुणवंती देवी को भी अपने बेटे पर नाज है उनका कहना है कि मोहित के वापस भारत लौटने पर इसका जोरदार स्वागत किया जाएगा और उसके मनपसंद पकवान बनाकर उसे खिलाए जाएंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...