
बींजिग: चीन के राष्ट्रपति शी चिनंफिग ने देश में आर्थिक संकट के बीच धैर्य रखने का आह्वान किया और कहा कि पश्चिमी देश अपने भौतिकवाद तथा ‘‘आध्यात्मिक दिवालियापन’’ के कारण ‘‘परेशानियां बढ़ा रहे हैं।’’ पार्टी की पत्रिका ‘क्यूशी’ में शी का भाषण प्रकाशित किया गया। इससे कुछ घंटे पहले ही जारी आंकड़ों में संघर्षरत उद्यमियों को समर्थन देने के आधिकारिक वादों के बावजूद जुलाई में उपभोक्ता व फैक्टरी गतिविधि और कमजोर होने की बात सामने आई थी।
सरकार ने अब युवकों के बीच बेरोजगारी को लेकर भी अद्यतन आंकड़े जारी करना बंद कर दिया है। शी चिनंफिग ने अपने भाषण में कहा, ‘‘हमें धैर्य बनाए रखना चाहिए और स्थिर व चरणबद्ध प्रगति पर जोर देना चाहिए।’’ पत्रिका ‘क्यूशी’ के अनुसार, राष्ट्रपति ने यह भाषण फरवरी में दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगंकिग में दिया था। आमतौर पर पत्रिका द्वारा कई महीने बाद ही भाषण प्रकाशित किया जाता है।
शी ने कहा कि पश्चिमी शैली का आधुनिकीकरण ‘‘अधिकतर लोगों के हितों में नहीं है बल्कि पूंजीगत हितों को बढ़ावा देने की कोशिश करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज पश्चिम देश परेशानियां बढ़ा रहे हैं..वह भौतिकवाद और आध्यात्मिक दिवालियापन जैसी समस्याओं से निपटने में असमर्थ हैं।’’ देश में अप्रैल-जून में आर्थिक वृद्धि घटकर 0.8 प्रतिशत रह गई, जो जनवरी-मार्च में 2.2 प्रतिशत थी।
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