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मानसून, औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती से अगस्त के पहले पखवाड़े में घटी पेट्रोल, डीजल की मांग

August 17, 2023

मानसून, औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती से अगस्त के पहले पखवाड़े में घटी पेट्रोल, डीजल की मांग

नयी दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की खपत अगस्त के पहले पखवाड़े में घटी है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। मानसून की वजह से आवाजाही प्रभावित होने तथा औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती की वजह से वाहन ईंधन की मांग में लगातार दूसरे महीने गिरावट आई है। आमतौर पर मानसून के चार माह के दौरान ईंधन की खपत कम रहती है। देश में सबसे अधिक इस्तेमाल वाले ईंधन डीजल की खपत एक से 15 अगस्त के दौरान 5.7 प्रतिशत घटकर 26.7 लाख टन रह गई है। जुलाई के पहले पखवाड़े में भी ईंधन की खपत में भारी गिरावट आई थी। हालांकि, दूसरे पखवाड़े में मांग कुछ सुधरी थी। मासिक आधार पर देखा जाए, तो डीजल की बिक्री में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। जुलाई के पहले पखवाड़े में डीजल की बिक्री 29.5 लाख टन रही थी। डीजल की बिक्री आमतौर पर मानसून के महीनों में गिर जाती है क्योंकि बारिश के कारण कृषि क्षेत्र की मांग घट जाती है।

अप्रैल और मई में डीजल की खपत क्रमश? 6.7 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत बढ़ी थी। इसकी वजह यह है कि उस समय खेती के लिए डीजल की मांग में उछाल आया था। इसके अलावा गर्मी से बचाव के लिए वाहनों में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल बढ़ा था। हालांकि, मानसून के आगमन के बाद जून के दूसरे पखवाड़े से डीजल की मांग घटने लगी थी। पेट्रोल की मांग भी अगस्त के पहले पखवाड़े में पिछले साल की समान अवधि से आठ प्रतिशत घटकर 11.9 लाख टन रह गई है। जुलाई के पहले पखवाड़े में पेट्रोल की खपत में 10.5 प्रतिशत की गिरावट आई थी, लेकिन दूसरे पखवाड़े में बिक्री में सुधार आया था। आंकड़ों से पता चलता है कि मासिक आधार पर पेट्रोल की बिक्री 5.2 प्रतिशत घटी है। अगस्त के पहले पखवाड़े में पेट्रोल की खपत कोविड महामारी से प्रभावित अवधि यानी 1-15 अगस्त, 2021 की तुलना में 20.6 प्रतिशत अधिक रही है।

वहीं महामारी-पूर्व की अवधि यानी अगस्त, 2019 की तुलना में 25.6 प्रतिशत अधिक रही है। डीजल की खपत 1-15 अगस्त, 2021 की तुलना में 26 प्रतिशत और 1-15 अगस्त, 2019 की तुलना में 16.8 प्रतिशत अधिक रही है। हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे विमान ईंधन एटीएफ की मांग अगस्त के पहले पखवाड़े में 8.1 प्रतिशत बढक़र 2,90,300 टन पर पहुंच गई है। अगस्त, 2021 के पहले पखवाड़े की तुलना में यह 66.7 प्रतिशत अधिक रही है। हालांकि, अगस्त, 2109 से यह 4.1 प्रतिशत कम है। मासिक आधार पर जेट ईंधन की बिक्री 2.1 प्रतिशत घटी है। एक से 15 जुलाई, 2023 के दौरान एटीएफ की बिक्री 2,96,500 टन रही थी। रसोई गैस की बिक्री समीक्षाधीन अवधि में 3.7 प्रतिशत बढक़र 12.1 लाख टन पर पहुंच गई। अगस्त, 2021 के पहले पखवाड़े की तुलना में यह 12 प्रतिशत तथा कोविड-पूर्व की अगस्त, 2019 की समान अवधि की तुलना में यह 11.2 प्रतिशत अधिक है। मासिक आधार पर एलपीजी की मांग दो प्रतिशत घटी है। जुलाई के पहले पखवाड़े में एलपीजी की बिक्री 12.3 लाख टन रही थी।

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