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कौशल विकास घोटाले के मुख्य आरोपी हैं चंद्रबाबू नायडू: आंध्र सीआईडी

September 9, 2023

कौशल विकास घोटाले के मुख्य आरोपी हैं चंद्रबाबू नायडू: आंध्र सीआईडी

अमरावती: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू कौशल विकास घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। यह बात शनिवार को उन्हें गिरफ्तार करने वाली अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की ओर से कही गई। नंद्याल में नायडू की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद, सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक एन. संजय ने यहां मंगलागिरी में डीजीपी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सुप्रीमो को कौशल विकास निगम में लगभग 550 करोड़ रु. के धोखाधड़ी के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला आंध्र प्रदेश में उत्कृष्टता केंद्रों के समूहों की स्थापना के इर्द-गिर्द घूमता है। कुल अनुमानित परियोजना मूल्य 3,300 करोड़ रुपये था और जो भारी नुकसान हुआ वह 300 करोड़ रुपये से अधिक है। ’’ यह कथित घोटाला तब हुआ था, जब चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री थे। उन्होंने कहा, ‘जांच में मुख्य आरोपी चंद्रबाबू नायडू के साथ-साथ टीडीपी को भी गलत तरीके से धन के लाभार्थयिों के रूप में शामिल किया गया है।‘ ‘इस मामले में आरोपों में 10 साल से अधिक कारावास की सजा का प्रावधान है और इस गहरी साजिश को देखते हुए वित्तीय धोखाधड़ी के सभी पहलुओं को उजागर करने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक मानी जाती है।‘

सीआईडी के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि केंद्रों की स्थापना के लिए व्यवस्था यह थी कि 90 प्रतिशत पैसा सीमेंस कंपनी से आएगा जबकि आंध्र प्रदेश सरकार शेष 10 प्रतिशत का योगदान देगी। ‘आंध्र प्रदेश सरकार ने 371 करोड़ रुपये जारी किए, इनमें से एक बड़ा हिस्सा निकाल लिया गया और एक छोटा हिस्सा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए लगाया गया।‘ संजय ने कहा कि ज्यादातर पैसा फर्जी बिलों के जरिए शेल कंपनियों को भेजा गया और इनवॉइस में उल्लिखित वस्तुओं की कोई वास्तविक डिलीवरी या बिक्री नहीं हुई।

‘जांच से पता चला कि पूरी योजना के पीछे मुख्य साजिशकर्ता और जिसने शेल कंपनियों के माध्यम से सरकार से निजी संस्थाओं में सार्वजनिक धन के हस्तांतरण की साजिश रची, वह चंद्रबाबू नायडू हैं।‘ संजय ने आगे कहा कि नायडू को समय-समय पर सरकारी आदेश और एमओयू जारी करने के लिए लेनदेन का विशेष ज्ञान था, जिसने उन्हें जांच का केंद्रीय व्यक्ति बना दिया। ‘मामले से संबंधित मुख्य दस्तावेज़ गायब हो गए हैं और चंद्रबाबू नायडू और अन्य व्यक्ति प्राथमिक र्रूप से संदिग्ध हैं।‘

उन्होंने बताया कि जांच का ध्यान गबन किए गए धन का पता लगाने पर केंद्रित है, इससे टीडीपी प्रमुख की हिरासत में पूछताछ बहुत जरूरी हो गई है। ‘‘वह राजनीतिक दल के प्रमुख के रूप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण पद पर हैं और मुख्यमंत्री भी रहे हैं, उनके जांच को प्रभावित करने की पूरी संभावना है। इसलिए, उसे हिरासत में लेने की आवश्यकता है।’’ संजय ने यह भी दावा किया कि सार्वजनिक अधिकारियों के बयानों सहित सामग्री स्पष्ट रूप से सरकार से अग्रिम धन जारी करने के प्रमुख निर्णयकर्ता के रूप में चंद्रबाबू नायडू की भागीदारी की ओर इशारा करती है।

पूरा अपराध मुख्य प्रस्तावक, साजिशकर्ता और इस पैसे के अंतिम लाभार्थी, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की जानकारी में हुआ है। संजय ने कहा, ‘उनके पद के कारण उनकी गिरफ्तारी जरूरी हो गई थी। यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि वह जांच को विफल करने और उपलब्ध सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हमने उन्हें हिरासत में लिया है।‘

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