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‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना: कारीगर और शिल्पकार के साथ GNDU अमृतसर पहुंचे केंद्रीय मंत्री Hardeep Puri

September 17, 2023

‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना: कारीगर और शिल्पकार के साथ GNDU अमृतसर पहुंचे केंद्रीय मंत्री Hardeep Puri

अमृतसर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए “पीएम विश्वकर्मा” योजना की शुरुआत की। यह योजना इतने सारे लोगों को ऋण सहायता प्रदान करने के साथ-साथ कौशल उन्नयन में भी मदद करेगी। “पीएम विश्वकर्मा” के लॉन्च के अवसर पर गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार के साथ-साथ भारत सरकार के केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भाग लिया। मंच से बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।

उन्होंने कहा कि यह योजना वित्तीय सहायता प्रदान करने के साथ-साथ लोगों के कौशल को भी उन्नत करेगी। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए डाॅ. जसपाल सिंह, कुलपति, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर ने “पीएम विश्वकर्मा” के लॉन्च के लिए मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस योजना का शुभारंभ उन्हें दीन दयाल उपाध्याय कोसल योजना के शुभारंभ की याद दिलाता है। योजना का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा या अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले विश्वकर्माओं के माध्यम से पारंपरिक कौशल की परिवार-आधारित प्रथा को मजबूत और पोषित करना है।

पीएम विश्वकर्मा का मुख्य फोकस कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत हों। पीएम विश्वकर्मा को 13,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित किया जाएगा। इस योजना के तहत बायोमेट्रिक आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल का उपयोग करके कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से विश्वकर्मा का निःशुल्क पंजीकरण किया जाएगा। उन्हें पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और पहचान पत्र, बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण संबंधी कौशल उन्नयन, 15,000 रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन, 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपये (पहली किस्त) और 2 लाख रुपये (दूसरी किस्त) तक की गारंटी मिलती है। मुफ्त क्रेडिट सहायता, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।

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