कोलकाता: विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शनिवार को दूसरा पत्र लिखकर विश्वविद्यालय परिसर की उस सड़क को वापस करने का आग्रह किया, जिसे राज्य सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया था और यह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के नियंत्रण में है। यह तीन किलोमीटर लंबी सड़क स्थानीय निवासियों के बीच डाकघर से श्रीनिकेतन तक पहुंचने के लिए एक छोटे मार्ग के रूप में लोकप्रिय थी, जिसे 2020 में ‘‘बेहतर आवाजाही’’ के लिए विश्वविद्यालय से पीडब्ल्यूडी द्वारा अपने नियंत्रण में ले लिया गया था।
विश्वविद्यालय इस सड़क पर स्थित ऐतिहासिक भवनों को संरक्षित करने के लिए इस सड़क को लौटाए जाने की मांग कर रहा है।कुलपति ने इससे पहले 25 सितंबर को मुख्यमंत्री को पहली बार पत्र लिखा था। शांतिनिकेतन अब यूनेस्को के घोषित विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल है, जिसकी घोषणा 17 सितंबर को की गई थी। मीडिया के पास मौजूद इस प्रत्र की प्रति में कहा गया है, ‘‘यदि विश्व भारती संपदा के अंतर्गत आने वाली सड़क के किनारे स्थित विरासत संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए गए तो इंटरनेशनल कमेटी फॉर मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (आईसीओएमओएस) द्वारा शांतिनिकेतन को दिया गया यूनेस्को टैग वापस लिए जाने की आशंका है..।’’ चक्रवर्ती ने अपने पहले पत्र में कहा था, ‘‘अब इस विरासत स्थल का संरक्षण करना हमारी और भी बड़ी जिम्मेदारी है। इन परिस्थितियों में, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आश्रम क्षेत्र को बनाए रखने में हमारी मदद करें।’’