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Britain में नर्सों ने सिख मरीज की दाढ़ी को दस्तानों से बांधा, रखा भूखा : रिपोर्ट

October 2, 2023

Britain में नर्सों ने सिख मरीज की दाढ़ी को दस्तानों से बांधा, रखा भूखा : रिपोर्ट

लंदनः नर्सों ने एक सिख मरीज की दाढ़ी को प्लास्टिक के दस्तानों से बांध दिया, उसे उसके ही पेशाब में छोड़ दिया और उसे वह खाना दिया, जो वह धार्मकि कारणों से नहीं खा सकता था। यह दावा यूके के शीर्ष नर्सिंग वॉचडॉग के एक वरिष्ठ व्हिसलब्लोअर ने किया है। नर्सिंग एंड मिडवाइफरी काउंसिल (एनएमसी) की ओर से द इंडिपेंडेंट को लीक किए गए एक डोजियर में कहा गया कि सिख व्यक्ति ने एक नोट में भेदभाव की शिकायत करने के बावजूद इन नर्सों को काम करने की अनुमति दी थी।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि नर्सिंग नियामक संस्था 15 वर्षों से अपने रैंकों में ‘संस्थागत नस्लवाद‘ का समाधान करने में विफल रहा है, जिसने एनएमसी कर्मचारियों को ‘भेदभावपूर्ण विचारों के आधार पर असंगत मार्गदर्शन लागू करने‘ पर अनियंत्रित होने की अनुमति दी है। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, सिख मरीज के परिवार को उसकी पगड़ी फर्श पर पड़ी मिली और उसकी दाढ़ी रबर के दस्तानों से बंधी हुई थी। साथ ही बताया गया कि उसका मामला, जिसे शुरू में एनएमसी की स्क्रीनिंग टीम ने बंद कर दिया था, अब फिर से मूल्यांकन किया जा रहा है।

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एक सूत्र ने बताया कि जांच को आगे बढ़ाने या न करने का निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार एनएमसी स्टाफ के सदस्य मरीज द्वारा छोड़े गए और उसकी मृत्यु के बाद उसके परिवार द्वारा खोजे गए नोट के जवाबों पर ठीक से विचार करने में विफल रहे। पंजाबी में लिखे नोट में दावा किया गया है कि नर्सों ने उस पर हंसा था, उसे भूखा रखा था और उसकी कॉल बेल का जवाब नहीं दिया, इससे वह गीला हो गया और अपने ही पेशाब में गिर गया।

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एनएमसी के भीतर ‘खतरनाक‘ नस्लवाद के दावे पहली बार 2008 में उठाए गए थे। दस्तावेजों से पता चलता है कि कैसे काले और जातीय अल्पसंख्यक कर्मचारियों को डर है कि अगर वे नस्लवाद के बारे में बोलेंगे, तो वे बेनकाब हो जाएंगे। दस्तावेज़ों से पता चला, ‘वॉचडॉग के भीतर ‘भय की संस्कृति‘ के कारण कर्मचारी नर्सगिं नियामक को अपनी चिंताओं को रिपोर्ट करने से डरते हैं।‘

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एनएमसी पर रक्षात्मक होने और अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए, व्हिसलब्लोअर ने दावा किया कि वॉचडॉग के भीतर ‘गहरा विषाक्त आचरण‘ ‘विपरीत और विफल जांच‘ का कारण बन रहा है। नर्स लेटबी को इस साल सात नवजात शिशुओं की हत्या करने और छह अन्य को मारने का प्रयास करने के लिए सजा सुनाई गई थी।

जून 2015 और जून 2016 के बीच उत्तर पश्चिम इंग्लैंड में काउंटेस ऑफ चेस्टर अस्पताल की नवजात इकाई में बच्चों की मौत के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। नियामक ने काले लोगों के खिलाफ आचरण के मामलों में नस्लीय पूर्वाग्रह का आरोप लगाने वाले खुलासे पर एक जांच शुरू की है। नर्सिंग एंड मिडवाइफरी काउंसिल (एनएमसी) के मुख्य कार्यकारी और रजिस्ट्रार एंड्रिया सटक्लिफ ने द इंडिपेंडेंट से कहा, ‘‘मुझे बहुत खेद है कि एनएमसी में किसी को नस्लवाद का सामना करना पड़ा है । मैं चाहता हूं कि एनएमसी एक नस्लवाद-विरोधी संगठन बने और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें एक लंबा रास्ता तय करना है।’

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