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कर्मचारियों को लेकर टिप्पणी करने पर कोर्ट ने ट्रंप को चुप रहने को कहा

October 4, 2023

कर्मचारियों को लेकर टिप्पणी करने पर कोर्ट ने ट्रंप को चुप रहने को कहा

न्यूयॉर्क: एक अमेरिकी न्यायाधीश ने धोखाधड़ी के एक मामले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर शिकंजा कसते हुए उनके खिलाफ कोर्ट के कर्मचारियों के बारे में कुछ भी नहीं बोलने का आदेश जारी किया है। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने एक अदालत के क्लर्क के बारे में ‘अपमानजनक‘ टिप्पणी की थी। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट का यह आदेश केवल कर्मचारियों पर की गई टिप्पणियों तक ही सीमित है। मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ पर एक कार्यक्रम में डेमोक्रेटिक सीनेट के नेता चक शूमर के साथ प्रिंसिपल क्लर्क एलीसन ग्रीनफील्ड की एक तस्वीर पोस्ट की थी।

पोस्ट में उन्होंने ग्रीनफील्ड को ‘शूमर की गर्लफ्रेंड’ कहा और कहा कि उनके खिलाफ मामला खारिज कर दिया जाना चाहिए। न्यायाधीश आर्थर एंगोरोन ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन ट्रुथ सोशल पोस्ट का संदर्भ दिया और कहा कि एक प्रतिवादी ने ‘सोशल मीडिया अकाउंट पर मेरे स्टाफ के एक सदस्य के बारे में अपमानजनक, असत्य और व्यक्तिगत पहचान वाली पोस्ट पोस्ट की‘। उन्होंने कहा, ‘मेरे कोर्ट स्टाफ के सदस्यों पर व्यक्तिगत हमले अस्वीकार्य करता हैऔर मैं इसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं करूंगा।‘

बीबीसी ने न्यायाधीश के हवाले से कहा, ‘इस आदेश का पालन नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।‘ न्यायमूर्ति एंगोरोन ने कहा कि उनके बयान को उनके स्टाफ के सदस्यों के बारे में किसी भी पोस्ट, ईमेल या सार्वजनिक टिप्पणी पर रोक लगाने वाला एक आदेश माना जाना चाहिए। आदेश के तुरंत बाद ट्रंप के पोस्ट को हटा दिया गया। ट्रंप ने मुकदमे को ‘धोखाधड़ी‘ और ‘घोटाला‘ कहा है और अपने बचाव में खड़े होने का वादा किया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मामले में गवाही देंगे, उन्होंने कहा, ‘हां, मैं गवाही दूंगा। उचित समय पर, मैं गवाही दूंगा।‘ बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति, उनके दो बेटों और ट्रंप संगठन के लिए लोन लेने के लिए अपनी संपत्तियों का मूल्य बढा चढ़ा कर पेश करने का आरोप है। अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स 250 मिलियन डॉलर और ऐसे प्रतिबंधों की मांग कर रहे हैं जो ट्रम्प परिवार को न्यूयॉर्क राज्य में व्यापार करने से रोक सकें। दोषी पाए जाने पर किसी भी प्रतिवादी को जेल की सजा नहीं होगी, क्योंकि यह एक दीवानी मामला है, आपराधिक नहीं।

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