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जीएमसी, जीडीए को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश : बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए एस्क्रो खाते में 30 करोड़ रुपये जमा करें

October 10, 2023

जीएमसी, जीडीए को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश : बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए एस्क्रो खाते में 30 करोड़ रुपये जमा करें

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गाजियाबाद नगर नि गम (जीएमसी) और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को नागरिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए एस्क्रो खाते में 30 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एस.वी.एन.भट्टी की पीठ ने जीएमसी और जीडीए को छह सप्ताह के भीतर क्रमश: 10 करोड़ रुपये और 20 करोड़ रुपये जमा करने को कहा।इसमें कहा गया है कि इस राशि का उपयोग ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवेज उपचार संयंत्रों की स्थापना के लिए किया जाएगा।

पीठ की शुरू में राय थी कि जीएमसी और जीडीए दोनों 50 करोड़ रुपये जमा करें। हालांकि, जीएमसी के वकील ने कहा कि हाउस टैक्स के संग्रह के अलावा, उनके पास राजस्व का कोई अन्य स्नेत नहीं है, जिसके बाद उसने राशि कम कर दी।शीर्ष अदालत ने 6 फरवरी को जीडीए से जिले के निवासियों से विकास शुल्क के रूप में वर्षों से एकत्र की गई राशि और इसे कहां खर्च किया गया, इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी।जस्टिस खन्ना और एम.एम. सुंदरेश की पीठ ने तब कहा था कि विकास शुल्क के रूप में एकत्र की गई राशि प्राधिकरण द्वारा एक एस्क्रो खाते में जमा की जानी चाहिए और राशि का उपयोग केवल नागरिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के लिए किया जाना चाहिए, न कि किसी अन्य उद्देश्य के लिए।

अध्यक्ष, नययमूर्ति आदर्श कुमार गोयल (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की पीठ ने पिछले साल 6 सितंबर को नागरिक एजेंसियों को मुआवजे के रूप में 200 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। जीएमसी को 150 करोड़ रुपये और जीडीए को शेष राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया। इसने उन्हें जिला मजिस्ट्रेट के पास राशि जमा करने और एक समिति द्वारा उपचारात्मक उपायों के लिए उपयोग करने का निर्देश दिया था।ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक रिपोर्ट पर यह आदेश दिया था। ट्रिब्यूनल के आदेश को चुनौती देते हुए जीएमसी ने शीर्ष अदालत का रुख किया था।

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