
नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रलय के तहत आने वाली रत्न आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) की ओर से दुबई में अयोजित तीसरी अंतरराष्ट्रीय रत्न आभूषण प्रदर्शनी में 32 देशों के 500 खरीदार भाग ले रहे हैं। यह इस प्रदर्शनी में विदेशी खरीदारों की भागीदारी का एक नया रिकार्ड बताया जा रहा है। जीजेईपीसी की ओर से बुधवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार 10 से 12 अक्टूबर तक चलने वाली इस विशाल प्रदर्शनी को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रलय और संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास की मदद से लगाया गया है। दुबई गोल्ड एंड ज्वैलरी ग्रुप तथा सनटेक इसमें मदद कर रहा है तथा सीक्वल इसमें लॉजिस्टिक्स भागीदार है।
एशिया और यूरोपीय महाद्वीप के लिए उत्सव के एक शहर के रुप में दुबई में इस वर्ष आयोजित इस आईजीजेएस आभूषण प्रदर्शनी में 45 फर्मं 50 से अधिक बूथ पर अपने उत्पाद रखे हुए हैं। इनमें हीरे और रत्न जड़ति आभूषण और सोने के आभूषण सहित विभिन्न श्रेणियों के उत्पादों की एक प्रभावशाली श्रृंखला दर्शाते हैं। जीजेईपीसी के अध्यक्ष विपुल शाह ने बयान में कहा, ‘‘पश्चिम एशिया भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार रहा है। इसके अलावा, दुबई एक वितरण केंद्र होने के नाते, जीसीसी, सीआईएस, सुदूर पूर्व में आभूषण व्यापार के लिए एक केंद्र के रुप में कार्य करता है। और यूरोप के कुछ हिस्से, जो वैश्विक आभूषण पारिस्थितिकी तंत्र में इसके रणनीतिक महत्व और प्रभाव को बढ़ाते हैं।’’ भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) लागू होने के बाद से दोनों बाजारों के बीच रत्न और आभूषण व्यापार बढ़ा है।
यूएई दुनियाभर से कुल 10.48 अरब डॉलर मूल्य के आभूषण आयात करता है इसमें लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा भारत से मंगाया जाता है। भारत से यूएई को आभूषण का सालाना निर्यात लगभग 3.12 अरब डालर का है।विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस प्रदर्शनी में 32 विभिन्न देशों के 500 से अधिक खरीदार भाग ले रहे हैं। इन देशों में अल्जीरिया, अजरबैजान, बहरीन, बांग्लादेश, बेलारुस, बेल्जियम, बोलीविया, ब्राजील, कनाडा, डोमिनिकन गणराज्य, मिस्र, फ्रांस, ईरान, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, लेबनान, मलेशिया, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, रुसी संघ, सऊदी अरब, दक्षिण अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, उरुग्वे, अमेरिका और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...