
विशाखापत्तनमः आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने सोमवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी इन्फोसिस के सॉफ्टवेयर विकास केंद्र का यहां उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हैदराबाद और बेंगलुरु की तरह विशाखापत्तनम आईटी का केंद्र बनेगा। सॉफ्टवेयर विकास केंद्र 83,750 वर्ग फुट में फैला है। इसको बनाने में 35 करोड़ रुपये का खर्च आया है। केंद्र में 1,000 कर्मचारियों के काम करने की उम्मीद है। रेड्डी ने केंद्र के उद्घाटन के बाद कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘विशाखापत्तनम में हमेशा से ही महानगर (टियर-1) बनने की क्षमता रही है। यह एक ऐसा शहर है जिसमें हैदराबाद, बेंगलुरु या चेन्नई जैसा बनने की क्षमता है।’’
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद राज्य में एक भी बड़ा महानगर नहीं है। विशाखापत्तनम राज्य का बड़ा शहर है और इसमें टियर-1 शहर बनने की क्षमता है। इस मौके पर इन्फोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी निलंजन रॉय ने कहा कि नया केंद्र स्थानीय प्रतिभावन युवाओं को अवसर देगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अनाकापल्ली जिले के परवाड़ा में जवाहरलाल नेहरू फार्मा सिटी में यूगिया स्टेराइल्स की एक इकाई का भी उद्घाटन किया। इसमें अच्युतपुरम विशेष आर्थिक क्षेत्र में लॉरस लैब्स की दूसरी इकाई भी शामिल है।
यूगिया स्टेराइल्स इकाई में दवा और जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े उत्पाद बनाये जाते हैं। इसे 301 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इस विनिर्माण संयंत्र में 800 लोगों को रोजगार मिलेगा। दवाओं में इस्तेमाल होने वाले रसायन बनाने वाली लॉरस लैब्स की इकाई को 422 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें 600 लोगों को रोजगार मिलेगा।
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