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इस अस्पताल में अब सिर्फ 24 घंटों तक रहेगी बिजली, पढ़ें कहीं आपके पास ताे नहीं ये जगह

October 20, 2023

इस अस्पताल में अब सिर्फ 24 घंटों तक रहेगी बिजली, पढ़ें कहीं आपके पास ताे नहीं ये जगह

गाजाः डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) ने कहा कि गाजा के मुख्य अस्पताल, अल-शिफा में बिजली जनरेटर के लिए ईंधन का भंडार अधिकतम 24 घंटे तक ही रहेगा। गुरुवार को एक समाचार रिपोर्ट में एमएसएफ ने कहा कि बिजली के बिना कई मरीज मर जाएंगे। मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों वाले मरीज और गर्भवती महिलाएं भी दवाओं की सामान्य कमी के कारण खतरे में हैं।‘ गाजा स्थित फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रलय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर को हमास-इजराइल संघर्ष शुरू होने के बाद से शुक्रवार तक एन्क्लेव में कम से कम 1,524 बच्चों सहित 3,785 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12,500 से अधिक अन्य घायल हुए हैं।

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एमएसएफ रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजा पट्टी में हर दिन 800 से 1,000 लोग घायल होते हैं, लेकिन इस आंकड़े में केवल वे लोग शामिल हैं जो अस्पताल पहुंच पाए हैं। इसमें कहा गया है, ‘चूंकि ईंधन की कमी के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बेहद खतरनाक और जटिल है, केवल सबसे गंभीर रूप से बीमार या घायल मरीज का ही अस्पताल में इलाज हो सकता है।‘ अल शिफा अस्पताल गाजा के उन कुछ स्थानों में से एक है जहां बिजली बची हुई है, और यह वर्तमान में मंगलवार को अल अलही बैपटिस्ट अस्पताल में हुए विस्फोट के पीड़ितों का इलाज भी कर रहा है।

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एक समाचार रिपोर्ट में फिलिस्तीन के लिए एमएसएफ के चिकित्सा समन्वयक गुइलेमेट थॉमस के हवाले से कहा गया है कि हजारों फिलिस्तीनी भी अल-शिफा अस्पताल में शरण लिए हुए हैं। थॉमस ने कहा, कि ‘मेरा मानना है कि इन लोगों को अगले कुछ घंटों में मरने का गंभीर खतरा है, क्योंकि चिकित्सा सहायता प्राप्त करना असंभव हो रहा है।‘ रिपोर्ट में कहा गया है कि आज गाजा में 60 प्रतिशत लोग पानी या स्वास्थ्य देखभाल के बिना बाहर रह रहे हैं।

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‘कोई बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध नहीं है। स्वच्छता की स्थिति बहुत खराब है। गंभीर चोटों के अलावा, खराब स्थिति से जुड़ी बीमारियों की एक लहर भी हैं: डायरिया, श्वसन और त्वचा संक्रमण और निजर्लीकरण जैसी बीमारियां तेजी से विकसित हो रही हैं और महिलाओं और बच्चों सहित सबसे कमजोर लोगों को गंभीर रूप से खतरे में डाल रही हैं।‘ एमएसएफ ने कहा, कि ‘गाजा में आधे लोग 18 साल से कम उम्र के हैं। फिर भी उनकी देखभाल के लिए कोई स्वास्थ्य प्रणाली नहीं बची है।‘ गैर-लाभकारी संस्था ने कहा कि अस्पतालों को फिर से चालू करना महत्वपूर्ण है और अस्पतालों में ईंधन और दवा लाने के लिए नियमित युद्धविराम की गारंटी दी जानी चाहिए।

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