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Cricket World Cup 2023 में Sachin Tendulkar के 100 शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर सकते हैं Virat Kohli : Ravi Shastri

November 16, 2023

Cricket World Cup 2023 में Sachin Tendulkar के 100 शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर सकते हैं Virat Kohli : Ravi Shastri

मुंबईः न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत की 70 रनों की जीत में 117 रनों की शानदार पारी खेलकर विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर के 49 एकदिवसीय शतकों की लंबे समय से चली आ रही संख्या को पीछे छोड़ दिया, जिसके बाद पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि इस करिश्माई बल्लेबाज में महान बल्लेबाज सचिन के सौ शतकों के आंकड़े की बराबरी करने की क्षमता है। ‘‘किसने सोचा होगा कि जब सचिन तेंदुलकर ने 100 शतक बनाए थे तो कोई भी उनके करीब आ जाएगा और उन्होंने 80 अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाए हैं, उनमें से 50 एक दिवसीय खेल में हैं और जो उन्हें सर्वोच्च बनाता है। अवास्तविक।’’

रवि शास्त्री ने कहा, कि ‘कुछ भी असंभव नहीं है क्योंकि ऐसे खिलाड़ी, जब शतक बनाने की फिराक में रहते हैं, तो वे बहुत तेज़ी से शतक बना लेते हैं। उनकी अगली 10 पारियों में आपको पांच और शतक देखने को मिल सकते हैं। आपके पास खेल के तीन प्रारूप हैं और वह उन सभी प्रारूपों का हिस्सा है। यह सोचना कि उसके पास अभी भी तीन या चार साल का क्रिकेट बाकी है, दिमाग चकराने वाला है। ’’

कोहली अब विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और रवि शास्त्री का मानना है कि कोहली ने अच्छी तैयारी की है और पूरे टूर्नामेंट में नियंत्रण में दिखे। ‘‘मुझे लगता है कि उनका संयम, उनकी शारीरिक भाषा, उनका संयम, क्रीज पर उनकी शांति (बता रही थी)। मैंने उसे पिछले विश्व कप में देखा है जहां वह कुछ घबराए हुए दिखते थे। ’ ‘‘वह तुरंत इस पर काम करना चाहता है। यहाँ ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने अपना समय लिया है, अपने बचाव पर ध्यान दिया है, दबाव झेला है, खुद को समय दिया है और पारी में गहरी बल्लेबाजी की अपनी भूमिका को समझा है। और वह बहुत ही अद्भुत रहा है।’’

भारत की 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रवि शास्त्री बताते हैं कि कोहली को हर मैच से पहले अपनी सावधानीपूर्वक तैयारी का लाभ मिल रहा है, खासकर विकेटों के बीच दौड़ने में कुशल होने का। ‘‘यह तीनों (मानसिक बदलाव, तकनीकी बदलाव और फिटनेस पर जोर) का मिश्रण है। (यह) उसे पारी की शुरुआत में शांत रहने के लिए कुछ समय देता है। पहले 10, 15 रनों में उनके शॉट चयन के कारण वह अतिरिक्त जोखिम नहीं लेते। वह गेंद को छोड़ने, गेंद को चारों ओर से घुमाने के लिए काफी तैयार है।’’

‘‘उनकी बल्लेबाजी की एक विशेषता विकेटों के बीच उनकी दौड़ रही है। तथ्य यह है कि उसे चौके और छक्के नहीं लगाने पड़ते, वह अपनी शारीरिक फिटनेस के कारण विकेटों के बीच कड़ी मेहनत कर सकता है।’’ उन्होंने निष्कर्ष निकाला, ‘‘इससे उस पर से दबाव कम हो जाता है। यहां तक कि जब उसे बाउंड्री नहीं मिल रही होती, तब भी वह स्ट्राइक रोटेट कर रहा होता है और उसके पास हमेशा पारी के अंत तक पहुंचने की अदभुत क्षमता होती है।’

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