कुल्लू (सृष्टि) : कुल्लू की खराहल घाटी में बिजली महादेव रोपवे का अब एक बार फिर से विरोध शुरू हो गया है। बिजली महादेव मंदिर कमेटी ने इस बारे डीसी कुल्लू को एक बार फिर से ज्ञापन सौंपा और कहा है कि इस रोपवे को फिर से रद्द किया जाना चाहिए। वरना खराहल घाटी के ग्रामीण सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने से भी नहीं चूकेंगे। बिजली महादेव मंदिर कमेटी के सदस्यों ने इसी मुद्दे को लेकर ढालपुर में डीसी आशुतोष गर्ग के साथ मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। कमेटी में शामिल पदाधिकारी का कहना है कि पहले इस बिजली महादेव रोपवे को रद्द किया गया था, लेकिन प्रदेश मंत्रिमंडल की कैबिनेट में फिर से इस रूप में को मंजूरी दी गई है। जो खराहल घाटी के लोगों को बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।
देवता बिजली महादेव ने भी इस रोपवे के लिए साफ रूप से निर्देश दिए हैं कि उन्हें कोई भी परियोजना अपने इलाके में नहीं चाहिए और खराहल व कशावरी फाटी के लोगों ने भी इस बारे बैठक की थी। ऐसे में सरकार के खिलाफ पहले भी विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें कुल्लू का बाजार भी पूरी तरह से बंद रहा था, लेकिन सरकार के द्वारा अब फिर से इस रोपवे को मंजूरी दी गई है।
देवता बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जंबाल का कहना है कि इस बारे केंद्र सरकार को भी ज्ञापन भेजा गया है और उनसे भी मांग रखी गई है कि बिजली महादेव में रोपवे ना लगाया जाए। इसके अलावा पूरे हरियान क्षेत्र में भी इस परियोजना के लगने से नाराजगी है। ऐसे में प्रदेश सरकार से आग्रह है कि वह बिजली महादेव रोपवे की मंजूरी को रद्द करें।
बिजली महादेव मंदिर कमेटी के सचिव हेमराज शर्मा का कहना है कि घाटी के लोग विकास का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन खराहल घाटी के बिजली महादेव में रोपवे बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। ऐसे में सरकार को इस पैसे को विकास कार्यों में लगाया जाना चाहिए, जहां बिजली महादेव सड़क को चौड़ीकरण किया जाए, तो वहीं बिजली महादेव में सड़क में टायरिंग की जाए ताकि खराहल घाटी में विकास कार्य किए जाएं। ग्राम पंचायत जिया के प्रधान संजीव कुमार शर्मा का कहना है कि बिजली महादेव जिला कुल्लू के आराध्य देवता है और यहां पर रोपवे लगाने के लिए देवता के द्वारा साफ इनकार किया गया है। अब सरकार को भी देव वाणी का सम्मान करना चाहिए और इस रोपवे को रद्द करना चाहिए।
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