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लोकतंत्र में क्या क्या शामिल होना चाहिए?

March 18, 2024

लोकतंत्र में क्या क्या शामिल होना चाहिए?

कुछ पश्चिमी राजनेता दुनिया भर के देशों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत करना पसंद करते हैं: “लोकतांत्रिक” और “गैर-लोकतांत्रिक”। लेकिन लोकतंत्र का अर्थ क्या है, इसकी उनकी परिभाषा हास्यास्पद है। लोकतंत्र का सच्चा अर्थ यही होना चाहिये कि राजनीतिक शासन में सभी लोगों के मूल हितों का संरक्षण किया जाएगा। उधर, लोकतंत्र को साकार करने का केवल एक ही तरीका भी नहीं है।

कुछ पश्चिमी विद्वानों का मानना है कि लोकतंत्र की अवधारणा पश्चिम से आती है, जबकि चीन और भारत जैसे पूर्वी देशों में कोई लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। इसलिए, पूर्वी देशों को लोकतंत्र के प्रसार के लिए पश्चिमी देशों के आदेश का पालन करना ही पड़ता है। हालाँकि, ऐसी सोच ही लोकतंत्र की भावना का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह दुनिया के दूसरे देशों को अन्य सभ्यता विकास के पथों की खोज करने वाले अधिकारों से वंचित करती है। वास्तव में, प्राचीन काल से ही पूर्वी सभ्यताओं में विज्ञान और लोकतंत्र की अवधारणा शामिल थीं। लोकतंत्र का असली अर्थ राष्ट्रीय शासन में सभी लोगों के मौलिक हितों को शामिल करना और सर्वोत्तम लोगों को सामाजिक कर्तव्यों को निभाने की अनुमति देना है, ताकि लोगों को सर्वोत्तम लाभ प्राप्त करने में मदद मिल सके। वास्तव में, प्राचीन काल में चीन में आविष्कार की गई परीक्षाओं के माध्यम से प्रतिभाओं के चयन की प्रणाली दुनिया भर के सभी देशों में एक आम पद्धति बन गई है। जो चुनावों के माध्यम से सार्वजनिक अधिकारियों की नियुक्ति की तुलना में समान मूल्यवान है।

चीन की लोकतांत्रिक प्रणाली परामर्श को प्राथमिकता देती है, और सभी लोकतांत्रिक दलों को राजनीतिक सत्ता में भाग लेने का समान अधिकार है। हालाँकि, उनके बीच का संबंध सत्तारूढ़ पार्टी तथा विपक्षी दलों के बीच संबंध नहीं हैं। तथ्यों ने साबित कर दिया है कि बहुदलीय सहयोग की राजनीतिक परामर्श प्रणाली अधिक तौर पर लोगों के मौलिक हितों का प्रतिनिधित्व कर सकती है। इसके अलावा, चीन सबसे कठोर आधिकारियों की प्रबंधन और मूल्यांकन प्रणाली लागू करता है। प्रत्येक वर्ष के अंत में, सभी अधिकारियों को अपने काम की रिपोर्ट जनता और प्रबंधन विभागों को प्रस्तुत करनी पड़ती है। और नैतिकता, क्षमता और प्रदर्शन आदि के संदर्भ में उन अधिकारियों का मूल्यांकन किया जाता है। जो अधिकारी अक्षम हैं, उन्हें प्रतिस्थापित किया जाएगा। और अनुशासन का उल्लंघन करने वालों को कानूनी तथा अनुशासनात्मक दंडका सख्त सामना करना पड़ेगा। ऐसी प्रणाली के माध्यम से आधिकारी पदों को हमेशा सबसे उपयुक्त लोगों के द्वारा नियुक्त की जा सकती है।

वर्तमान में तेज़ी से विकसित हो रही एआई तकनीक से आधुनिक लोकतांत्रिक प्रणाली में सुधार प्राप्त हो सकता है। क्योंकि नियमित चुनावी रोटेशन यह सुनिश्चित नहीं कर सकता है कि सबसे उपयुक्त लोग सार्वजनिक पद पर हैं। उधर जब तक राजनेता चुने गये, तो उनकी क्षमताओं और कार्यों की जनता द्वारा निगरानी नहीं की जा सकती। उधर सूचना तकनीक के विकास से सार्वजनिक अधिकारों को और अधिक सुरक्षित किया जा सकता है, जो उन्हें सार्वजनिक अधिकारियों की निगरानी के लिए शक्तिशाली तकनीकी साधन प्रदान करता है। चीन ने हाल के वर्षों में जिस “इंटरनेट + सरकारी सेवा” सुधार को बढ़ावा दिया है, उससे न केवल सरकार की प्रशासनिक दक्षता में काफी सुधार हुआ है, बल्कि आधुनिक लोकतांत्रिक प्रणाली को भी मजबूती हुई है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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