
अंबाला(कृष्ण बाली): जिले की मुलाना मंडी में सरकार द्वारा किसानों की सरसों को ख़रीद शुरू है जिससे किसान काफ़ी खुश नज़र आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार बाजार के रेट से ज्यादा रेट दे रही है , बस देखना यह है कि सरसों की ख़रीद के सरकारी पैसे कितनी जल्दी किसानों के खाते में आते हैं। अंबाला की मंडियों में सरकार द्वारा किसानों की सरसों की फसल ख़रीद शुरू हो चुकी है , जिससे किसानों के चेहरे पर ख़ुशी नज़र आ रही है।
किसानों का कहना है कि सरकार बाज़ार के रेट से ज्यादा रेट दे रही है , बस देखना यह है कि सरसों की ख़रीद के सरकारी पैसे कितनी जल्दी किसानों के खाते में आते हैं।अंबाला की मुलाना और शाहजादपुर सरकारी मंडी में किसानों की सरसों को फसल की ख़रीद शुरू हो चुकी है । किसान ट्रॉलियों में अपनी सरसों की फसल लेकर मंडियों में पहुँच रहे हैं । सरसों की 8 परसेंट तक की नमी को जाँचने के बाद किसानों की फसल ख़रीदी जा रही है ।
जिन किसानों की फसल में नमी अधिक है वो मंडी में अपनी सरसों को सुखाते नज़र आ रहे हैं। कुल मिलाकर अब तक मुलाना मंडी में सरसों की ख़रीद की 1500 क्विंटल की आवक हो चुकी है और उसमें से 700 क्विंटल की बिक्री भी हो चुकी है। पोर्टल के कारण कई किसानों को फसल बेचने में परेशानी हो रही है उन्हें दो तीन दिन में राहत मिल जाएगी क्योंकि फ़िलहाल सरकारी पोर्टल में कुछ ख़ामियाँ हैं। जिन किसानों की फसल में नमी की मात्रा 8 प्रतिशत से कम हैं वह काफ़ी खुश नज़र आ रहे हैं।
ऐसे किसानों का कहना है कि उनकी फ़सल मंडी में बिना किसी परेशानी के उतार ली गई है और उनकी सरसों तुरंत ख़रीद ली गई। किसानों को यह भी ख़ुशी है कि बाज़ार में सरसों की फसल की ख़रीद का रेट 4700 रुपये है लेकिन सरकारी मंडी में इसकी ख़रीद का रेट 5400 रुपये है। किसानों को बस अब सरकार से यही आस है की बाज़ार में ख़रीदी गई सरसों की रक़म का भुगतान 72 घंटों में हो रहा है, अब सरकार अपना भुगतान कितनी जल्दी करेगी ये देखने वाली बात होगी।
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