Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

Kejriwal को ‘असाधारण अंतरिम जमानत’ का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज, अदालत ने लगाया जुर्माना

April 22, 2024

Kejriwal को ‘असाधारण अंतरिम जमानत’ का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज, अदालत ने लगाया जुर्माना

नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए ‘‘असाधारण अंतरिम जमानत’’ का अनुरोध करने वाली एक विधि छात्र की जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी और याचिकाकर्ता पर 75,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। केजरीवाल कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा की पीठ ने टिप्पणी की कि यह याचिका ‘‘उचित विचार करके दायर नहीं की गई’’ और अदालत उच्च पद पर आसीन किसी व्यक्ति को ‘‘असाधारण अंतरिम जमानत’’ नहीं दे सकती।

पीठ ने कहा, कि ‘क्या वह (याचिकाकर्ता) कॉलेज में कक्षा में जाता है? ऐसा लगता है कि वह कानून के सिद्धांतों का पालन नहीं कर रहा।’’ अदालत ने टिप्पणी की कि ‘आप’ नेता के पास अपने कानूनी विकल्पों का लाभ लेने के लिए कदम उठाने के साधन हैं और याचिकाकर्ता के पास उनकी ओर से दलीलें पेश करने के लिए कोई वकालतनामा नहीं है। उन्होंने याचिकाकर्ता से कहा, कि ‘आप कौन हैं? आप अपने आप के बारे में ज्यादा ही बढ़ा-चढ़ाकर सोच रहे हैं। आप कहते हैं कि आपके पास वीटो शक्ति है कि आप (यह सुनिश्चित करने के लिए) वचन देंगे (कि केजरीवाल गवाह को प्रभावित न करें)।’’

अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि समानता एवं कानून के शासन की अवधारणा संविधान में निहित है और केजरीवाल न्यायिक आदेश के तहत न्यायिक हिरासत में हैं और इस आदेश को चुनौती नहीं दी गई है। अदालत ने आदेश दिया, कि ‘रिट याचिका 75,000 रुपए के जुर्माने के साथ खारिज की जाती है।’’ केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने कहा कि जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और याचिकाकर्ता का इस मामले में पक्षकार होने का कोई अधिकार नहीं है।

याचिकाकर्ता के वकील ने इस आधार पर दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए ‘‘असाधारण अंतरिम जमानत’’ का अनुरोध किया कि केजरीवाल की सुरक्षा खतरे में है क्योंकि वह कट्टर अपराधियों के साथ जेल में बंद हैं। जनहित याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारियों को पूरा करने, सभी मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेने और बड़े पैमाने पर जनता के कल्याण में आदेश पारित करने के लिए केजरीवाल का उनके कार्यालय और घर में मौजूद होना आवश्यक है।

याचिकाकर्ता विधि छात्र है। उसने अपनी याचिका में अपना नाम ‘‘हम, भारत के लोग’’ बताते हुए दावा किया कि वह इस मामले से कोई नाम, प्रसिद्धि या पैसा नहीं चाहता। याचिका में यह भी कहा गया है कि याचिकाकर्ता ने ईडी और सीबीआई द्वारा केजरीवाल के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों में मुख्यमंत्री को अपने ‘‘वीटो अधिकार’’ का इस्तेमाल करके तब तक असाधारण अंतरिम जमानत पर रिहा कराने का फैसला किया है जब तक उनका कार्यकाल और मामले में सुनवाई पूरी नहीं हो जाती।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें