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“थाईवान की स्वतंत्रता” द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सर्वसम्मति को चुनौती नहीं दी जा सकती

May 30, 2024

“थाईवान की स्वतंत्रता” द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सर्वसम्मति को चुनौती नहीं दी जा सकती

हाल ही में, 77वें विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन ने पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेने के थाईवान अधिकारियों के प्रस्ताव को एक बार फिर खारिज कर दिया। यह अस्वीकृति का लगातार आठवां वर्ष है और “थाईवान स्वतंत्रता” ताकतों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को एक स्पष्ट चेतावनी है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि एक-चीन सिद्धांत एक अटल अंतरराष्ट्रीय सहमति है। इससे यह भी पता चलता है कि डेमोक्रेटिक प्रोग्रैसिव पार्टी (डीपीपी) अधिकारियों की “सम्मेलन में शामिल होने” की नौटंकी के पीछे की राजनीतिक साजिश विफल हो गई है।

“सम्मेलन में शामिल होने” के लिए थाईवान के अधिकारियों ने अमेरिका जैसी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर थाईवान से संबंधित मुद्दों को भड़का कर एक चीन सिद्धांत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। हालांकि, उनका आत्म-अपमानजनक व्यवहार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष अत्यधिक कमजोर साबित हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन द्वारा थाईवान से संबंधित प्रस्तावों को अस्वीकार करना न केवल संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सम्मान को दर्शाता है, बल्कि डीपीपी अधिकारियों के “विदेशी ताकतों पर भरोसा करने” के प्रयासों के खिलाफ एक शक्तिशाली प्रत्युत्तर भी है।

डीपीपी अधिकारियों के सत्ता में आने के बाद, उन्होंने हठपूर्वक “थाईवान की स्वतंत्रता” के रुख का पालन किया और एक-चीन सिद्धांत का प्रतीक वाले “1992 की आम सहमति” को मान्यता देने से इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन में थाईवान की भागीदारी का राजनीतिक आधार का अब मौजूद नहीं रहा है। वे तथाकथित “महामारी रोकथाम अंतर” दलील का प्रसार कर अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने इस तरह का राजनीतिक प्रदर्शन बेकार है। थाईवान जलडमरूमध्य के दोनों तटों पर रहने वाले हमवतन एक परिवार हैं। चीन की केंद्र सरकार एक-चीन सिद्धांत के अनुपालन के आधार पर हमेशा थाईवान के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण की परवाह करती है और चीन ने थाईवान की वैश्विक स्वास्थ्य मामलों में भागीदारी के लिए उचित व्यवस्था भी की है।

इसके अलावा, थाईवान मुद्दे में अमेरिका जैसी बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप ने “चीन को नियंत्रित करने के लिए थाईवान का उपयोग करने” के उनके भयावह इरादों को भी उजागर किया है। वे थाईवान मुद्दे को उछालकर चीन को नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस साजिश की आलोचना की है। दुनिया में केवल एक ही चीन है, और थाईवान चीन का अखंड हिस्सा है। यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सहमति और अटल सत्य है।

वर्तमान में, दुनिया स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने के महत्वपूर्ण मोड़ पर है। कोई भी व्यवहार जो राजनीतिक स्वार्थ को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा से ऊपर रखता है, उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा अस्वीकार कर दिया जाएगा। डीपीपी अधिकारियों और कुछ देशों को स्थिति को स्पष्ट रूप से समझना चाहिए, अपनी “थाईवान स्वतंत्रता” की साजिश को छोड़ देना चाहिए, एक-चीन सिद्धांत के रास्ते पर लौटना चाहिए, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की शांति और स्थिरता और थाईवान जलडमरूमध्य के दोनों तटों पर लोगों की भलाई के लिए योगदान देना चाहिए।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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