
मंडी के जोगिन्द्रनगर में 110 मेगावाट की शानन जल विद्युत परियोजना को लेकर शिमला में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। अधिकारियों को इस परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार का पक्ष मजबूती से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा हो सके।
वर्ष 1925 में मंडी के तत्कालीन राजा और पंजाब के मुख्य अभियंता के बीच 99 वर्षों के लीज पर समझौता हुआ था, समझौते की लीज का समय अब पूरा हो गया है। पंजाब सरकार को अविलंब इस परियोजना को हिमाचल प्रदेश को लौटा देना चाहिए।
हमारी सरकार जल विद्युत परियोजना से हिमाचलवासियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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