Last Updated: October 8, 2026

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24 घंटों से भारी बारिश ने मचाया कोहराम…पानी में बहे 4 बच्चे, 90 सड़कें बंद, कई जगहों पर बिजली गुल, High Alert पर कई जिले

August 12, 2024

24 घंटों से भारी बारिश ने मचाया कोहराम…पानी में बहे 4 बच्चे, 90 सड़कें बंद, कई जगहों पर बिजली गुल, High Alert पर कई जिले

शिमला : हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। सड़कें टूट गई हैं, हाईवे धंस गए हैं, वहीं ऊना में बच्चे बाढ़ के पानी में बह गए हैं। इनमें से तीन के शव बरामद कर लिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में रविवार को शुरू हुई बारिश अभी भी जारी है। मौसम विभाग ने भी हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी दी है।

मंडी के पंडोह में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग 4 फीट से ज्यादा धंस गया है। मंडी से करीब 5 किलोमीटर दूर डियोड के कैंची मोड़ पर एक लेन धंस गई है। इसके चलते धंसी हुई लेन पर यातायात रोक दिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी मिट्टी डालकर सड़क को समतल करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सड़क धंसने से राजमार्ग वाहनों के लिए असुरक्षित हो गया है। फोरलेन पर पुलिया के नीचे की जमीन लगातार धंस रही है। इसके बाद यहां यातायात को एकतरफा चलाया जा रहा है।

पिछले चार दिनों से 9 मील में भूस्खलन हो रहा है और यहां बार-बार यातायात रोकना पड़ रहा है। 9 मील में बारिश शुरू होते ही पहाड़ियों से मलबा सड़क पर गिरने लगता है। इससे स्थानीय लोगों के साथ कुल्लू-मनाली घूमने आने वाले पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोटली के साथ सुरड़ी और कुम्हारडा में भूस्खलन के कारण मंडी-धर्मपुर एनएच भी बंद हो गया है। मरम्मत का काम चल रहा है। इसके बंद होने से कोटली की 20 पंचायतों का धर्मपुर से संपर्क टूट गया है। 90 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं और मंडी जिले में कई जगहों पर बिजली भी गुल है।

ऊना के बाथरी में बाढ़ में 4 बच्चे बह गए। इनमें से 3 के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 1 अभी भी लापता है। मृतकों की पहचान राशि कुमारी (7), मनीषा (18) और तनु (4) के रूप में हुई है। तीनों लड़कियां बिहार की हैं। इनके परिवार के सदस्य बाथू-बाथरी में एक फैक्ट्री में काम करते हैं।

जलभराव से सबसे ज्यादा नुकसान ऊना जिले में हुआ है। 356 बिजली ट्रांसफार्मर, 11 सड़कें और 56 पेयजल व सिंचाई योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। 5 घर और 5 गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। कांगड़ा के थुरल क्षेत्र में भारी बारिश से थुरल बाजार में जलभराव हो गया। कई घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। इससे दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान खराब हो गया और लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सिरमौर जिले में भी पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। बाढ़ के कारण हनुमान मंदिर मारकंडा नदी में डूब गया। भारी बारिश के कारण 40 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। अन्य इलाकों में भी भारी बारिश के बाद 300 से ज्यादा सड़कें वाहनों के लिए बंद हो गई हैं।

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